हां हवा में भी घूमता हुआ हो सकता है कोरोना वायरस

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अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का के रिसर्चर्स ने कोरोना के हवा में रहने की बात कही थी।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस एक ऐसा संक्रमण हैं जो पूरे हिन्दुस्तान को मुश्किलों में लाकर छोड़ दिया हैं। भारत के साथ-साथ कई देश भी इस महामारी से परेशान हैं। लोग इससे बचने के लिए लाख तरकीबें अपना रहे हैं। हालांकि उन्हें क्या पता की कोरोना वायरस हवा में भी घूमता हुआ हो सकता हैं। शुरुआती में तो हम सभी यहीं जान रहें थे,की कोरोना वायरस मास्क तथा अन्य लोगों से एक मीटर की दूरी बनायें रहना हैं। हलांकि अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का के रिसर्चर्स ने कोरोना के हवा में रहने की दवा किया हैं। स्टडी में इस बात की फिर पुष्टि हुई है कि कोरोना वायरस हवा में भी घूमता हुआ हो सकता है. अगर किसी कमरे में कोरोना का मरीज ठहरा हो तो मरीज के कमरे से जाने के बाद भी हवा में कोरोना वायरस मौजूद हो सकते हैं.यूनिवर्सिटी की स्टडी में यह भी सामने आया है कि कमरे से मरीज के जाने के बाद कई घंटे तक कोरोना वायरस वातावरण में मौजूद हो सकता है.रिसर्चर्स का कहना है कि मरीज के जाने के बाद भी हवा में कोरोना वायरस की काफी अधिक मात्रा मौजूद होती है.वहीं,हॉस्पिटल के जिस कमरे में मरीज रहते हैं, उसके आसपास के कॉरिडोर में भी कोरोना वायरस हो सकते हैं. हालांकि, इससे पहले भी कुछ स्टडी में ये बात सामने आई थी कि कोरोना वायरस सिर्फ मरीज से ही नहीं फैलते, बल्कि ये कई जगहों की सतह पर भी मौजूद हो सकते हैं.स्टडी का रिजल्ट बताता है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की देखभाल कर रहे डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए प्रोटेक्टिव कपड़े कितने अधिक जरूरी हैं. कई देशों के डॉक्टर फिलहाल पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) की कमी से जूझ रहे हैं. कई जगहों पर इलाज कर रहे डॉक्टर भी संक्रमित हो गए हैं.बता दें कि कोरोना वायरस से बुधवार सुबह तक दुनियाभर में 8 लाख 58 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. 42 हजार से अधिक लोग कोरोना से जान भी गंवा चुके हैं.हालांकि, दुनियाभर के मेडिकल साइंटिस्ट अब भी ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दे पाए हैं कि कुल संक्रमित लोगों में कितने मरीज हवा या किसी सतह के संपर्क में आने से प्रभावित हुए और कितने मरीज संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आयें थे.

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