जब दवा काम नहीं आती है तब दुआ काम आती है-सुश्री शीघ्रता त्रिपाठी

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महाराजगंज। अनुमंडल शहर मुख्यालय के रामेश्वरम धाम मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में वृंदावन से पधारे यज्ञाचार्य श्रीकांत त्रिपाठी के सानिध्य में विख्यात प्रवचन कर्ता सुश्री शीघ्रता त्रिपाठी की कथा के प्रथम दिन उपस्थित श्रोताओं ने भागवत की महिमा भगवत क्या है? भागवत सुनने की महत्ता क्या है? पर चर्चा करते हुए सुश्री शीघ्रता त्रिपाठी ने बताया कि दूध की शुद्धता बरकरार रखने के लिए पात्र ( बर्तन) की सुधरता अति आवश्यक होती है, यदि पात्र में थोड़ा सा भी गंदगी हो खटास हो तो दूध फट जाती है। ठीक उसी प्रकार भागवत कथा में बैठे श्रोता का मन यदि भगवान में रमाना है तो मन को एकाग्रता बरकरार रखनी होगा।

मानव जीवन को धन्य बनाने के लिए अनेकों उदाहरण से श्रोताओं को विधिवत बताई जिसमें श्री शीघ्रता त्रिपाठी ने कहा कि जब दवा काम नहीं आती है तब दुआ काम आती है। अतः भगवान के शरण में रहना अति आवश्यक है.शनिवार कथा प्रारंभ होने से पहले महाराजगंज के लोकप्रिय विधायक हेमनारायण साह, दरौंदा विधायक कर्णजीत सिंह ऊर्फ व्यास सिंह, मुखिया सुनील राय, पूर्व प्रमुख,राजू कुमार भारती,सामाजिक कार्यकर्ता यज्ञ के यजमान के रूप में विराजमान अतुल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर भागवत कथा ज्ञान यज्ञ मे भागवत कथा ब्यासपीठ का श्रीगणेश किया। जहां पश्चिमारी मठ के मठाधीश 108 श्री बद्री नारायण दास मौजूद रहे। पंडित रासबिहारी। उपाध्याय की मौजूदगी में शनिवार सुबह से ही रुद्राभिषेक का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। संध्या समय हुए कथा में हजारों की संख्या में भक्तगण पहुंचे जहां वृंदावन से आए कलाकारों ने राम लक्ष्मण सीता और बजरंगबली की झांकी को प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया.

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