शहर के एकता भवन सभागार में होने वाले दो दिवसीय भिखारी ठाकुर रंग महोत्सव का आगाज कल, तैयारिया पुरी

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छपरा। शहर के एकता भवन सभागार में मंगलवार को भिखारी ठाकुर रंग महोत्सव का आगाज किया जायेगा। आयोजक संस्था भिखारी ठाकुर रंगमंडल प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र के निदेशक सह महोत्सव संयोजक जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि नाटक, गीत-संगीत, नृत्य की प्रस्तुति हेतु एकता भवन के मंच को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीलंका की नृत्य एवं नाटक की 12 सदस्यों की टीम आ चुकी है। दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ के कलाकार भी आ चुके हैं। कई कलाकार देर रात तक छपरा पहुंच जाएंगे।

स्थानीय कलाकरों ने भी पूरी तैयारी कर ली है।

लोक नृत्य, नाटक, संगीत के इस समागम का आगाज कल ‘रंग-जुलूस’ से किया जाएगा। भिखारी ठाकुर को याद करते हुए यह रंग-जुलूस दोपहर 2 बजे शहर के म्युनिसिपल चौक से एकता भवन तक जाएगी। इस जुलूस में सभी कलाकार, स्थानीय जन प्रतिनिधि, अधिकारी एवं आम जनता शामिल होंगे।

रंग-जुलूस के एकता भवन में पहुंचने के बाद वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होगा। जैनेन्द्र दोस्त ने बताया कि कल के कार्यक्रम में लखिचन्द मांझी द्वारा बारहमासा की प्रस्तुति, बनारस के मन्नू यादव द्वारा बिरहा की प्रस्तुति, रामचंद्र मांझी द्वारा नृत्य-गीत की प्रस्तुति, दिप्ति ओगरे द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की प्रस्तुति के साथ-साथ जैनेन्द्र दोस्त के निर्देशन में भिखारी ठाकुर का बेटी-बेचवा नाटक खास है.

महोत्सव के अंतिम दिन श्रीलंकाई नृत्य एवं नाटक, तिगोला मुकाबला, के साथ जट-जटिन खास है। अंतिम दिन ओक्का-बोक्का नुक्कड़ नाटक का मंचन भी एकता भवन के प्रांगण में किया जाएगा।

महोत्सव के उद्देश्य के बारे में बताते हुए जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि इस महोत्सव से हम न सिर्फ अपनी लोक संस्कृति को जानेंगे बल्कि देश-विदेश के अन्य लोकसंस्कृतियो से रु ब रु होंगे.

उन्होंने कहा कि महोत्सव के दूसरे दिन एक ऐसा सेशन रखा गया है जिसमें गीत-संगीत, नृत्य, नाटक में रुचि रखने वाले युवाओं से कला के क्षेत्र में कैरियर जैसे विषय पर बातचीत की जाएगी। इसमें सभी अतिथि कलाकार शामिल होंगे।

महोत्सव के सह संयोजक रंजीत भोजपुरिया एवं अभिषेक अरुण ने कहा कि सारी तैयारियां हो चुकी है और बाहर से आने वाले कलाकारो का दल भी आ चुके हैं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के सभी दर्शकों एवं श्रोताओ को इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।

इस आयोजन में संगीत नाटक अकादेमी, मयूर कला केंद्र, कला पंक्ति सहयोगी की भूमिका में हैं। साथ ही स्थानीय जन प्रतिनिधि, एवं आम जनता का भी सहयोग प्राप्त है.

इनपुट:सीनियर जर्नलिस्ट चंद्रप्रकाश राज

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