संसार में कन्यादान से बढ़कर कोई दान नहीं है-सपना नंदनी

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महिषासुर मर्दिनी और नवदुर्गा का सचित्र प्रदर्शनी करते बाल कलाकार
महिषासुर मर्दिनी और नवदुर्गा का सचित्र प्रदर्शनी करते बाल कलाकार

महाराजगंज.सबसे बड़ा दान कन्यादान होता है। इससे बड़ा दान संसार में कोई दान नहीं है। शास्त्रों में कन्यादान को परम सौभाग्य माना गया है। जिन माता-पिता को कन्‍यादान का सौभाग्‍य प्राप्‍त होता है उनके लिए इससे बड़ा पुण्‍य इस धरती पर कुछ भी नहीं है। यह दान उनके लिए मोक्ष की प्राप्ति मरणोपरांत स्‍वर्ग का रास्‍ता भी खोल देता है। उक्त बातें अनुमंडल मुख्यालय के नखास चौक स्थित मां शक्ति स्वरूपा मंदिर के प्रथम वार्षिकोत्सव के पावन अवसर पर पत्रकार नगर में आयोजित सात दिवसीय श्री मद् देवी भागवत कथा के सातवे दिन व्यासपीठ पर विराजमान श्री धाम वृंदावन से आयी श्री मद् देवी भागवत कथा वाचिका सपना नंदनी जी ने कही। उन्होंने प्रवचन देते हुए कहा कि हिंदू धर्म मे कन्‍यादान का अर्थ होता है कन्‍या का दान। अर्थात पिता अपनी पुत्री का हाथ वर के हाथ में सौंपता है। इसके बाद से कन्‍या की सारी जिम्‍मेदारियां वर को निभानी होती हैं। यह एक भावुक संस्‍कार है, जिसमें एक बेटी अपने रूप में अपने माता, पिता,भाई,बंधु के त्‍याग को महसूस करती है। उन्होंने बताया कि वेदों और पुराणों के अनुसार विवाह में वर को भगवान विष्‍णु का स्‍वरूप माना जाता है। विष्‍णु रूपी वर कन्‍या के पिता की हर बात मानकर उन्‍हें यह आश्‍वासन देता है कि वह उनकी पुत्री को खुश रखेगा और उसके मान मर्यादा पर कभी आंच नहीं आने देगा। शास्‍त्रों में वर्णन आता है कि कन्यादान करने वाले माता-पिता और परिवार को भी सौभाग्‍य की प्राप्ति होती है। श्रीमद् देवी भागवत कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से श्रीमद् देवी भागवत कथा के महिमा के वर्णन करते हुए प्रारंभ में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का विवरण कथा वाचिका सपना नंदनी ने सुनाया। खासकर शिव बारात में शामिल भूत पिचास, देवता और गणों विशेषताओं का बखूबी वर्णन किया। भागवत कथा के अंत में दैत्य महिषासुर के जन्म से लेकर माता जगत जननी भुनेश्वरी कैसे महिषासुर मर्दिनी बनी इसका संपूर्ण चरित्र कथा के माध्यम से श्रोताओं को स्मरण कराया। अंत में व्यासपीठ पर विराजमान श्रीमद् देवी भागवत पुराण का विधिवत पूजा पाठ और आरती कर भागवत कथा का समापन किया गया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष रामबाबू गुप्ता, सचिव राजेश् अनल, हरिशंकर आशीष, सुरेश प्रसाद कसेरा, अरुण चौधरी पप्पू श्रीवास्तव, सुधीर कुमार,विक्की कसेरा,नीरज कुमार, गोलू कसेरा,पुष्कर कुमार, साहिल कुमार, अभिषेक ब्याहुत, संदीप कसेरा, रोहित कुमार, लखन कुमार,अंजली कुमारी,ऋषभ कसेरा, सूरज ठाकुर, चंदन कुमार गोलू कुमार, प्रमोद कुमार आदि कार्यकर्ता सहित हजारों की संख्या में श्रोता उपस्थित थे.

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