भगवान की भक्ति की नहीं होती है कोई उम्र:सपना नंदनी

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महाराजगंज.अगर मनुष्य सच्चे मन से भगवान की भक्ति करे तो जीवन वास्तव में बहुत ही सुंदर हो सकता है। भक्तों को हमेशा भक्त प्रहलाद की तरह भक्ति करना चाहिए। उक्त बातें अनुमंडल मुख्यालय के नखास चौक स्थित मां शक्ति स्वरूपा मंदिर के प्रथम वार्षिकोत्सव के पावन अवसर पर पत्रकार नगर में आयोजित सात दिवसीय श्री मद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ पर विराजमान श्री धाम वृंदावन से आयी श्री मद् देवी भागवत कथा वाचिका सपना नंदनी जी ने कही। उन्होंने कहा कि शास्त्रों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान की भक्ति की कोई उम्र नहीं होती है।

जब प्रभु में राग लग जाए वहीं से भगवान की भक्ति में लीन हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दान करने वालों का संसार में हमेशा नाम होता है। दान हमेशा गुप्त रूप से करना चाहिए। दान भी कई तरह से हो सकता है। किसी की मदद करके उसका हम सहयोग कर सकते है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण का जन्मोसव धूमधाम से मनाया गया। भागवत के महिमा के वर्णन करते हुए कथा वाचिका सपना नंदनी जी ने भागवत कथा में उपस्थित श्रोताओं को देवी भागवत पुराण में वर्णित मां जगत जननी के दुर्गा के स्वरूप का वर्णन सुनाया। उन्होंने जगत जननी त्रिपुर सुंदरी माता भुनेश्वरी के दुर्गा स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि दुर्जन नामक राक्षस के संहार के कारण माता भुनेश्वरी का नाम दुर्गा पड़ा। उन्होंने बताया कि पूरा ब्रह्मांड दुर्जन नामक राक्षस के अत्याचार से त्राहिमाम कर रहा था जिससे देवता,मनुष्, नाग, गंधर्व,किन्नर सबने माता भुनेश्वरी की आराधना कर इस कष्ट निवारण का और ब्रह्मांड में धर्म की स्थापना के लिए जगत जननी से प्रार्थना किया। देवताओं के विनती पर माता भुनेश्वरी ने दुर्जन नामक राक्षस का वध कर ब्रह्मांड में धर्म की स्थापना किया। प्रवचन स्थल पर सैकड़ों की संख्या में देवी भागवत कथा के श्रोता और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे.

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