कुलपति का मात्र एक ही नारा है पैसा दीजिए स्नातक में नामांकन लीजिए: आर.एस.ए

0

छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय इकाई संगठन आर. एस.ए के अधिकारियों ने कुलपति के नकारात्मक कार्यशैली के खिलाफ है. 16 अप्रैल दिन शुक्रवार को आर.एस.ए के कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि स्नातक प्रथम खंड चतुर्थ लिस्ट में नाम उसी छात्र का आया है। जो छात्र कुलपति के शागिर्द में कर्मचारी भ्रष्टाचार का तांडव नृत्य कर रहे। कर्मचारियों को पैसा दिया है। कोई भी कानून का पालन विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं किया है। केवल अवैध पैसा वसूल कर दलाल के माध्यम से सूची में नाम निकाला गया है। बताया कि विश्व विद्यालय में नामांकन के लिए जो सामान्य छात्र-छात्रा है । जिन्होंने आवेदन दिया था। विषय बदलकर नामांकन करने के लिए उनका आवेदन फॉर्म फाड़ कर फेंक दिया गया है। दलाल के माध्यम से अवैध पैसा लेकर नामांकन सूची में नाम डाला गया है। और तो और अभी भी अवैध पैसा लेकर छात्र-छात्रा का नामांकन करने के लिए सूची में नाम जोड़ा जा रहा है। डीएसडब्ल्यू के घर पर दलाल पैसा पहुंचाते हैं और उनका नामांकन हो जाता है। यू एमआईएस एवं विश्वविद्यालय के भ्रष्ट कर्मचारी एवं पदाधिकारियों के द्वारा सामान्य छात्र- छात्रा जो विषय वह इंटर में लपढा ही नहीं है। उस विषय मे नाम निकाल दिया गया है। साथ ही जिस विषय में छात्र या छात्रा का 45% से कम मार्क्स है। उसको उस विषय का प्रतिष्ठा विषय में नामांकन करने के लिए सूची में नाम जोड़ दिया गया है,ताकि सामान्य छात्र-छात्रा नामांकन ही नहीं करा पाए।

कुलपति का मात्र एक ही नारा है पैसा दीजिए स्नातक में नामांकन लीजिए

पीएन कॉलेज परसा में छात्र-छात्रा का नाम निकला हुआ है,सूची के अनुसार वह छात्र-छात्रा नामांकन कराने के लिए महाविद्यालय में जाते हैं तो प्रिंसिपल के गुंडों के द्वारा अवैध रूप से अलग से 2000 रुपये की मांग की जाती है। प्रत्येक महाविद्यालय में अवैध वसूली कुलपति के संरक्षण में जारी है ।राजभवन ने 71 करोड़ 70 लाख के वित्तीय हेरफेर को लेकर कुलपति की नीतिगत निर्णय एवं वित्तीय पावर को सीज कर दिया है। संगठन मांग करती है कि ऐसे कुलपति को तुरंत बर्खास्त करें। अन्यथा यहां के छात्र- छात्रा जो गरीब है सुदूर ग्रामीण से आते हैं। उनका आर्थिक शोषण इनके द्वारा लगातार किया जा रहा है। जिस पर रोक लग सके वित्तीय पावर एवं नीतिगत निर्णय पर रोक से कुलपति इतना गुस्सा में है कि यहां के छात्र-छात्राओं शिक्षकों कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण काल में स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर का एग्जाम लेकर संक्रमण में सारे लोगों को झोंक देना चाहते हैं। ऐसे कुलपति को तुरंत राजभवन बर्खास्त करें। स्नातक नामांकन घोटाले को लेकर पहले ही संगठन पटना हाई कोर्ट में जा चुकी है। इन सभी मुद्दों को भी उसमें जुड़ेगी प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से छपरा जिले के प्रभारी संगठन संरक्षक भूषण सिंह,गोपालगंज जिले के प्रभारी विवेक कुमार विजय, सिवान जिले के प्रभारी अमरेश सिंह राजपूत एवं राजन सिंह उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here