वोट बहिष्कार करने को ग्रामीणों ने लिया निर्णय,हाईकोर्ट के आदेशों का पदाधिकारियों ने नहीं किया पालन

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सीवान: महाराजगंज अनुमंडल शहर के सट्टे 2 गांव हैं एक जगदीशपुर व दुसरा धनछुआँ । महाराजगंज नगर पंचायत के गठन के बाद क्रमशः दोनों गांव को नगर पंचायत में नहीं जोड़ा गया किन हालातों में इन दोनों गांव को छोड़ा गया आज भी कहीं ना कहीं प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा ही कहा जाएगा। दिन बीत गया लोगों का गुस्सा परवान चढ़ता गया,इससे पहले भी धनछुआँ के लोगों ने भी वोट का बहिष्कार किया था और प्रशासन वोट करने के लिए गिडगिडाते रहे, उस समय भी प्रशासन का आश्वासन मिला था कि जल्द ही इन दोनों गांव को नगर पंचायत से जोड़ दिया जाएगा या फिर नियमानुसार अलग पंचायत गठित कर दी जाएगी।

नेताओं का भी आवागमन लगा रहता है परंतु गांव के लोगों की मांग को पूरा नहीं किया जाता है, केवल वोट मांग कर आश्वासन दे नेता चले जाते है,निदान आज तक नहीं निकलना जनता के धोखा है, ऐसे में जनता का प्रशासन और नेताओं के प्रति गुस्सा आना स्वभाविक है। और अब जब लोकसभा चुनाव का समय आया ग्रामीण जनता का गुस्सा परवान चढ़ा और लोगों ने निर्णय लिया की वोट नहीं करेंगे।समाजीक कार्यकर्ता जगदिशसिहं ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का भी अंदेखा किया गया है।

क्या कहती हैं ग्रामीण जनता ?

धनछुआँ और जगदीशपुर कि ग्रामीण जनता से बात करने पर ग्रामीणों ने बताया कि दो या तीन दशक पहले धनछुआँ पसनौली और रामापाली का कुछ हिस्सा मिलाकर एक पंचायत हुआ करता था और जिस के सरपंच धनछुआँ निवासी जगदीश सिंह हुआ करते थे, वहीं दूसरी तरफ इन्दौली,कपिया और जगदीशपुर मिलाकर एक अलग पंचायत हुआ करता था, समय बीता और महाराजगंज नगर पंचायत का गठन हुआ जब नगर पंचायत का गठन हुआ तो धनछुआँ और जगदीशपुर दोनों गाँव को छोड़कर राजनीति की रोटी सेकने वाले और अपने कार्यों में उदासीनता बरतने वाले पदाधिकारियों के दोहरे मानदंड के अनुसार इन गांवों को अपेक्षा का शिकार करते हुए नगर पंचायत में नहीं जोड़ा गया और आज तक यह गाँव सरकारी विकास के कार्यों से दूर है।

धन चूहा के दर्जनों महिलाओं ने कहा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का आज तक लाभ नहीं मिला है शौचालय आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गांव की महिलाएं अपने बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर है।

वोट बहिस्कार के खबर के बाद क्या कहा नेताओं ने ?

महाराजगंज के निवर्तमान सांसद व भाजपा प्रत्याशी जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को जब इस बात की खबर लगी कि धनछुआँ के लोग इस बार मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे के बारे मे पुछने का प्रयास किया गया तो श्री सिग्रीवाल साहब अभी वीजी है कहकर फोन काट दिया गया। वहीं राजद नेता बाहुबली पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर सिंह ने कहा कि वर्तमान सांसद जो 5 वर्ष से विकास कार्यो का ढिढोरा पीट रहे हैं उनके कानों तक यह बात नहीं पहुचना जनता के साथ अन्याय और धोखा है। दोनों गांवों को विकास कार्यों से अलग रखना ही भाजपा सरकार की विफलता का जीता जागता उदाहरण है। आपनी माँगों को लेकर सरकार को लोगों ने कोशा जहां मौके पर मौजूद समाजिक कार्यकर्ता शायमा खातुन, अलीमुनिशा,नूरैसा खातुन, हशिना बेगम सोनामती,चन्देश्वर मांझी,ललन राम,रामरती देवी,सुर्यनारायण पटेल,पप्पू अंसारी, के अलावे सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

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