दलालों के बलबुते चलता है रसूलपुर स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा

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खाता खुलवाने संबंधित फार्म के लिए होती है अवैध वसूली।

रसूलपुर/एकमा -एक तरफ सरकार कई योजनाओं में खाते खुलवाने को लेकर बैंकों पर परोक्ष या अपरोक्ष तरीके से दबाव बनाती है और उपभोक्ताओं की सुबिधाओं के मद्देनजर जीरो बैलेंस पर खाते खोलने को बैंको को निर्देश दे रखी है तो वहीं दुसरी तरफ बैंकों में उपस्थित दलाल बैंक कर्मियों की मिलीभगत से किसी भी योजनाओं में ऋण संबंधित कार्यों को कराने के लिए उपभोक्ताओं को अपना शिकार बनाते हैं और बैंक कर्मियों द्वारा तय निर्धारित फीसदी राशि की वसूली कर उपभोक्ताओं का काम आसान कर देते हैं वहीं भोले भाले जरूरतमंद किसान व उपभोक्ता इन दलालों के माध्यम से बैंक कर्मियों के आवास तक पहुँच कमीशनखोरी का शिकार बन जाते हैं।ऐसा हीं मामला रसूलपुर चट्टी स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा में भी उजागर हुआ है जहाँ खाता खुलवाने गए उपभोक्ताओं को पहले तो खाता खोलने वाले फार्म नहीं होने की बात पर टरका दिया जाता है और फिर फार्म के लिए एक सौ रूपये की माँग की जाती है और नहीं देने पर फार्म आने पर खाता खोलने का हवाला दिया जाता है ।इस संबंध में सरोज देबी,उमाकान्त सिंह, कुमारी मंजरी,सतेन्द्र सिंह आदि समेत दर्जनों उपभोक्ताओं का कहना है कि इस बाबत कई बार बैंक प्रबंधक से इसकी शिकायत की गयी पर महोदय को इन बातों का ध्यान तक नहीं।

■ बैंक परिसर में बैठ कर हीं दलाल करते हैं अवैध वसूली।

पीड़ित उपभोक्ताओं का कहना है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से कुछ दलाल बैंक परीसर में हीं बैठे रहते हैं जो उपभोक्ताओं के बैंक में प्रवेश करते हीं आने का कारण पुछते हैं और एक सौ रूपये की भुगतान पर अविलंब फार्म उपलब्ध करा देते हैं।पीड़ित उपभोक्ताओं ने बैंक कर्मियों समेत ड्यूटी पर तैनात चौकीदार की भी मिली भगत बताया है।ऋण संबंधी कार्यों के लिए 10 फीसद की वसूली करते हैं दलाल।पीड़ित उपभोक्ताओं की माने तो किसी भी योजनाओं से जूड़े ऋण संबंधित कार्यो के लिए दलाल ऋण भुगतान की गयी राशि की 10 फीसद अग्रिम वसुली के साथ अन्य खर्चे भी लिए जाते हैं।इसके लिए दलाल उनभोक्ताओं को तय होने के बाद सीधा सेटिंग पदाधिकारी के आवास पर ले जाते हैं जहाँ उनके कार्यों को अंजाम दिया जाता है।

■ क्या कहते हैं पदाधिकारी।

इस संदर्भ में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक रसूलपुर के शाखा प्रबंधक कमलेंद्र कुमार का कहना है कि इस प्रकार की शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं है। दलालों का बैंक परिसर में निषेध है।खाता खोलने वाला फार्म महीनों से समाप्त है।शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.Input:C.P Raj/Virendra Yadav (Chapra Saran)

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