संविधान निर्माता को साक्षी मानकर वर-वधु ने रचाई शादी: जयमाला से लेकर सात जन्मो तक साथ निभाने की शपथ

0

खगड़िया। अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने की परंपरा आपने तो बखूबी देखी होगी। परंतु किसी प्रतिमा को साक्षी मानकर वर-वधु के जोड़ों को फेरे लेते हुए नहीं देखा होगा। खगड़िया जिले के मछरहा निवासी ललन दास ने अपने पुत्र अमित दास की शादी बलिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भगतपुर निवासी प्रकाश दास की पुत्री कल्याणी कुमारी के साथ तय की थी। गुरुवार की रात नव दंपति ने बाबा साहब के प्रतिमा के समक्ष जीने मरने की कसमें खाईं.रविदास महासंघ बलिया के सदस्य उमेश दास ने बताया की वह देवी-देवताओं को तो मानते हैं, लेकिन बाबा साहब के प्रति भी उनकी आस्था है और इसी वजह से तामझाम से दूर एवं फिजूलखर्ची की वजह से यह आयोजन किया गया.शादी समारोह बलिया प्रखंड परिसर में स्थित अंबेडकर पार्क में बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष संपन्न कराया गया. इस शादी समारोह का नेतृत्व अखिल भारतीय रविदास संघ बलिया द्वारा किया गया।वर एवं वधू पक्ष के परिजनों ने आपसी सहमति से शादी की सारी रस्में बलिया प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर पार्क में पूरी करने का फैसला लिया। दोनों पक्षों के परिजनों की उपस्थिति में यह शादी पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हुई। जयमाला से लेकर अम्बेडकर की प्रतिमा का फेरे लगाकर सात जन्मों तक साथ निभाने की शपथ वर-वधू ने ली।