सूडान फैक्ट्री ब्लास्ट में नहीं पहुँचा दरौंदा के नीरज का शव,नई-नई हुई थी नीरज की शादी

0

सीवान। दरौंदा थाना क्षेत्र के भीखाबांध गांव निवासी नरेंद्र सिंह के 22 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार का शव नहीं पहुंचने से परिजन काफी आहत है.पत्नी रूबी का रो-रोकर बुरा हाल है.ज्ञात हो कि सूडान की राजधानी खारतूम स्थित एक चीनी मिट्टी की फैक्ट्री में काम करने के दौरान 3 नवंबर मंगलवार को अचानक से फटी एलपीजी टैंकर की चपेट में आने से निरज समेत कई दर्जन भारतीय की मौत हो गई थी.ये हादसा मंगलवार को हुआ लेकिन हादसे की पुष्‍टि भारतीय दूतावास ने बुधवार को की थी.प्रत्‍यक्षदर्शियों के अनुसार,उत्‍तरी खारतूम में स्‍थित इस चीनी मिट्टी फैक्‍ट्री में हुए धमाके के बाद आसमान में काला धुआं छा गया था.धमाका काफी शक्‍तिशाली था धमाके के बाद कंपाउंड में खड़ी कारों में भी आग लग गई.इधर सूडान फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में सोमवार को थाना क्षेत्र के भीखाबांध गांव निवासी नरेंद्र सिंह के 22 वर्षीय पुत्र श्रमिक नीरज कुमार का शव छह दिन बीतने के बाद भी उसके पैतृक गांव भीखाबांध नहीं पहुँचा। परिवार का इकलौता चिराग नीरज के मृत्यु के बाद पूरा गांव मातमी सन्नाटा में डूब गया है.बताते चलें कि हादसे के बाद नीरज कुमार अपनी जान बचाने के लिए 30 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी थी.जिसके बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था कंपनी में काम कर रहे श्रमिकों के द्वारा उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां गुरुवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई.गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि सूडान में उनके दो चाचा और चचेरे भाई भी उसी कंपनी में कार्यरत है घटना के बाद उन्हीं लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को अवगत कराई थी.

■ परिवार का इकलौता चिराग था नीरज

बताते चलें कि नीरज कुमार अपने परिवार का इकलौता पुत्र था जो सूडान में रहकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था.उसकी मौत के बाद पूरे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.बताते चलें कि मृतक के पिता नरेंद्र सिंह गुजरात के किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं.

■ 10 माह पूर्व हुई थी नीरज की शादी

नीरज कुमार की शादी 10 माह पूर्व 3 मार्च को थाना क्षेत्र के रामगढा़ गांव निवासी दरोगा सिंह की पुत्री रूबी के साथ हुई थी.लोगों ने बताया कि शादी के लिए वह छुट्टी लेकर घर आया था जिसके बाद वह फिर कुछ माह के बाद चला गया.

■ क्या कहते है परिजन।

इधर परिजनों का कहना है की इंडियन एम्बेसी मदद के लिए कुछ भी नहीं कह रहीं है.पांच दिन बाद भी मृतक का शव नहीं पहुँचा,परिवार के लोगों में कोहराम मचा हुआ है.शव आयेगा या नहीं आशंका बनी हुई है.

■ सूडान में श्रमिकों के लिए बीमा भारत में वैल्यू जीरो

पीड़ित के परिजनों ने बताया कि सूडान के फैक्ट्री में जो वर्करों के लिए जो बीमा है.उसका वैल्यू भारत मे जीरो है.वहां से किसी भी प्रकार की बीमा नहीं मिलने की बात कही जा रही है परिजन परेशान है.

■ तीन सौ डॉलर देने की कही जा रही हैं बात।

मृतक के चाचा हरेश सिंह ने बताया कि चीनी मिट्टी की फैक्ट्री में हादसे के बाद वहां पर खबर मिली कि मिर्तक के परिजनों को 3 सौ यूएस डॉलर दी जायेगी।

■ इलाज के अभाव में हुई निरज की मौत

इधर परिजनों ने यह भी आरोप लगाया की हादसे के बाद पीड़ित निरज को उचित इलाज नहीं कराया गया.जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई.अगर उचित इलाज की व्यवस्था मिली होती तो आज निरज जीवित होता।

■ छह दिनों से नहीं जला मिर्तक के घर जुल्हा

घटना में इलाज के दौरान निरज की मौत की सूचना जब परिजनों को मिली तो वे हक्के-बक्के रख गये उन्हीने बताया कि हादसे में युवक जख्मी था.उचित इलाज नहीं हुई.वहीं हादसे की सूचना के बाद अबतक मृतक के घर चूल्हा नहीं जला।

■ पानी के सहारे जी रहीं हैं पत्नी।

जब से पति की मौत की सूचना मिली है.पत्नी रूबी देवी रो-रोकर बेसुध है.वह छह दिनों से पानी के सहारे जी रहीं है.परिवार का इकलौता चिराग निरज की मृत्यु से परिवार पूरी तहर से टूट गया है.

■ जनप्रतिनिधि की नहीं मिली सहानुभूति

इधर मिर्तक के पिता नरेंद्र सिंह तथा चाचा हरेश सिंह का कहना है की हादसे की सूचना के बाद अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधियों के द्वारा मदद नहीं मिली है.अभी तक मदद मिला होता तो कबका शव आ चुका होता,जनप्रतिनिधि को इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here