गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद पोखरे से निकला युवक का शव

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रिपोर्ट: सुनीता कुमारी Updates,Mon, 27, Aug, 2018, 6:54 AM IST

युवक का शव मिलते ही मचा कोहराम

सीवान: मैरवा बभनौली पंचायत के नवादा गांव के जिन बाबा स्थान के समीप पोखरा में एक दिन पूर्व नहाने के दौरान युवक डूब गया था.स्थानीय लोगो के काफी प्रयास के बाद शव नही मिला.लेकिन जब सूचना राजद किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय कुशवाहा को सूचना देर रात को मिली तो उसी दौरान दरौली जाकर गोताखोर को अपने गाड़ी में बैठाकर लाया. और रविवार की सुबह एक घण्टा में गोताखोर ने शव को बाहर निकाल दिया.जैसे ही शव की सूचना परिजनों को मिली तो गांव में कोहराम मच गया. तथा पोखरा के समीप मौजूद सैकड़ो लोगो की आँखे नम हो गयी थी.

बीडीओ शैलेन्द्र सिंह, सीईओ अरबिंद कुमार तथा प्रमुखपति संजय कुशवाहा ,बीडीसी ओमप्रकाश राम ने थानाध्यक्ष संजीव कुमार निराला को शव को देकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.इस संबंध में थानाध्यक्ष संजीव कुमार निराला ने बताया कि शव को गोताखोर की सहायता से सही सलामत निकाल लिया गया.और पोस्टमार्टम के लिए जिला में भेज दिया गया.

मृतक के परिजनों को दिया गया चार लाख और बीस हजार का चेक, तथा नगद 3 हजार रुपये दिया गया
मैरवा: बड़गांव के कविता गांव के बीस वर्षीय अफजल की पोखरा में डूबने से मौत के बाद प्रशाशन और जनप्रतिनिधियों के त्वरित प्रयास के बाद मुवावजा दिया गया. रक्षाबंधन और रविवार होने के बाद भी बीडीओ शैलेन्द्र सिंह, सीईओ अरबिंद कुमार, प्रमुख कमला सिंह कुशवाहा, राजद के किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय कुशवाहा, राजद प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश राम, मुखिया योगेंद्र कुशवाहा, पंचायत सचिव तिलकनाथ ठाकुर ,बीडीसी राजेश ठाकुर सहित प्रखंड के कर्मी मृतक के गांव जाकर और उसकी माँ जहाँआरा खातून को आपदा से चार लाख का चेक तथा परिवारिक लाभ से 20 हजार का चेक तथा कबीर अंत्योष्टि से नगद 3 हजार रुपया दिया गया. जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रसाशन और जनप्रतिनिधियों का आभार ब्यक्त किया.

इस संबंध में बीडीओ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की माँ को आपदा से चार लाख का चेक, परिवारिक लाभ से 20 हजार का चेक तथा कबीर अंतोयष्टि से 3 हजार रुपये नगद दिया गया.

अफजल की मौत के बाद उसकी मां बार बार हो जा रही थी बेहोश

मृत युवक अफजल की मौत के बाद उसकी मां बार बार बेहोश हो जा रही थी.उसकी चीत्कार से गांव के आस पास के लोगो की आँखे नम हो गयी थी.स्थानीय लोगो के समझाने के बाद भी मृतक का चेहरा आखों से नही बिसर रहा था. उसकी माँ कह रही थी कि अफजल मामा के यहां जाने वाला था.

लेकिन मुझस बात तक नही किया.और उसकी मौत हो गयी है. अफजल के पिता मजदूरी का काम करते है.जो अफजल अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था.

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