सत्ताधारियों ने नहीं चाहा जगदीशपुर गांव का समग्र विकास

0

सीएम की सात निश्चय योजना और गांव में शौचालय का नहीं हुआ निर्माण


महाराजगंज.प्रखंड के एक ऐसा गांव जहां कई वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद उसे पंचायत का दर्जा मिला. हालांकि पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद भी आज तक इस पंचायत की तरक्की नहीं हुई. गांव से 8 किलोमीटर दूर टेघड़ा पंचायत में इस गांव को जोड़ने की कागजी प्रक्रिया तो पूरी कर ली गई.लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.रविवार को गांव के सैकड़ों जागरूक मतदाताओं ने अपने-अपने हाथों में बैनर तले गांव के समग्र विकास के मुद्दे को उठाते हुए वोट बहिष्कार करने का दावा किया है.वोट बहिष्कार कर रहे ग्रामीण मुकेश यादव ने बताया कि जगदीशपुर गांव में एक सौ से ज्यादा मकान राजपूत जाति के लोगों का है.इसके बाद 5 मकान ऐसे हैं जो यादव समाज से आते हैं.इसके बाद एक परिवार ब्राह्मण,चार मकान नाई,चार मकान गोंड जाति के अलावा तकरीबन इस पंचायत में 600 से अधिक मतदाता मौजूद हैं.इसके बावजूद भी लोगों को सरकार की ओर से मिल रही योजनाओं का लाभ नहीं मिला.गौरतलब है कि जगदीशपुर गांव के चौहद्दी उत्तर-धनौता (दरौंदा)दक्षिण में नगर पंचायत महाराजगंज के कपियाँ जागीर, पुरब -रूकुन्दीपुर टोला भिखारीपुर दरौंदा का क्षेत्र,पश्चिम-नगर पंचायत 10 इंदौली अनुमंडल कार्यालय स्थित हैं.अब ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जगदीशपुर के काफी नजदीक तक्कीपुर होने के बावजूद भी इस गांव को तकरीबन 8 किलोमीटर दूर स्थित टेघड़ा पंचायत में जोड़ दिया गया.


लोगों में खुशी के साथ भी रहा गम का पल


महाराजगंज प्रखंड के जगदीशपुर गांव जब वर्षों पूर्व नंन पंचायत से टेघड़ा पंचायत में जुड़ा तो जगदीशपुर गांव के लोगों ने इसे उपलब्धि बताया.ग्रामीण तो खुश हो गये कि चलो अब विकास कि किरण आएगी मगर जिन मुलभुत सुविधाओं से गांव के जरूरतमंदों को सुविधा देनी अतिआवश्यक थी उन्हें आजतक नसीब नहीं हुआ।


जिलाधिकारी के निर्देश पर बीडीओ ने दी थी आश्वासन


गांव के ही जगदीशपुर निवासी दिलीप कुमार सिंह बताते हैं की इसी साल 20 अप्रैल को अपने गांव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी से अपने गांव के लिए कुछ सुविधाएं मांगी थी.जिस पर जिलाधिकारी ने अपने मातहत पदाधिकारी को सुचना दी थी.इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी महाराजगंज ने अपने कार्यालय मे जगदीशपुर के लोगों को आश्वासन दिलाई थी कि उन्हें पंचायत में मिलने वाली हर एक सुविधा उपलब्ध होगी.हालांकि आश्वासन मिलने के बावजूद भी आज तक लोग सुविधा के अभाव में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है.


गांव में इन सुविधाओं का नहीं मिला लाभ


जगदीशपुर गांव में तकरीबन 600 से अधिक मतदाताओं के बीच आज तक एक भी इंदरा आवास नहीं बना। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सात निश्चय योजना में शामिल हर घर नल का जल योजनाओं का लाभ नहीं मिला। स्वच्छता अभियान के तहत जगदीशपुर गांव में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ. कोरोना महामारी के बीच किसी भी परिवार को 4 मास्क एवं एक साबुन उपलब्ध नहीं कराई गई.गांव में सेनेटाइज नहीं कराया गया.इन सुविधाओं के लाभ न मिलने का ग्रामीण आरोप लगाया है. ग्रामीण कहते हैं कि गांव की स्थिति बद से बदतर है.गांव सड़कों का स्थिति काफी जर्जर है आदि मुद्दों को लेकर यहां के मतदाताओं में खासा नाराजगी है.मौके पर अशोक सिंह,नंदकुमार सिंह, रामेश्वर सिंह,लालबाबु यादव, देवेंद्र यादव, रंजन साह,बिंदा साह,श्रीकृष्ण ठाकुर, जिऊत महतो,अमरजीत सिंह, विकास सिंह,दिलीप सिंह,अजित सिंह,नवनित सिंह,अमित सिंह आदि रहे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here