सतुआन को ले सत्तु और आम के टिकोरे कि बढ़ी बिक्री

0

पर्व में सत्तु आम और पुदीना कि चटनी खाने का विधान हैं.

सीवान: महाराजगंज भारतीय परंपराओं के अनुसार हर मौसम में कुछ मौसम के हिसाब से पर्व त्योहारों की मान्यता सदियों से चली आ रही है गर्मी के मौसम की शुरुआत होते हैं चैत माह में नवरात्र के बाद ही एक परंपरा आता है जिसको सतुवान के रूप में लोग जानते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण ईलाको में पारंपरिक त्योहार सतुआन पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। सूर्य जब मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने पर यह पर्व मनाया जाता है। यह त्यौहार बिहार प्रांत के लोग मनाते हैं पर जहां भी बिहार प्रांत के लोग रहते हैं तो यह त्यौहार अवश्य ही प्रेम से मनाते हैं। इस ‌अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं ने स्नान दान किया और सत्तू, गुड़ का भोग लगाकर उसका सेवन किया और ऐसी मान्यता है कि मंदिरों में पूजा-पाठ भी किया जाय।

■ शरीर की तपिश दूर करता है सत्तू

इस पर्व पर सत्तू का सेवन करने का वैज्ञानिक कारण भी है। गर्मी के दिनों में सूर्य की तपिश से शरीर का पित्त जो है वह कुपित हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए आम के टिकोरे की चटनी सत्तू के साथ सेवन करने से धूप का असर कम होता है। इसी क्रम में लोग आम का पानी भी पीकर सूर्य की गरमी से होने वाले दुष्प्रभाव को दूर करते हैं। पर्व को लेकर दुकानों में रविवार को सत्तू की अच्छी बिक्री देखने को मिली.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here