एकमा स्टेशन पर कोरोना वायरस के प्रति किया जा रहा यात्रियों को जागरूक

0

एकमा। सारण पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी रेल मंडल के सिवान-छपरा रेलखंड पर स्थित एकमा रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन की ओर से अब कोरोना वायरस संक्रमण से यात्रियों को बचाने की सराहनीय पहल की गई है। स्टेशन पर रेल परिचालन की सूचना देने के लिए पूर्व से यहां लगे ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से जागरूकता टिप्स का प्रसारण शुरु किया गया है। स्टेशन अधीक्षक पीके राठौर का कहना है कि रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों को स्वस्थ और सुखद यात्रा कराने के उद्देश्य से ऐसा निर्णय लिया गया है। विश्व के कई देश कोरोना वायरस के चलते काफी सहमे हुए हैं। वही भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने भी रेलवे स्टेशनों पर कोरोना वायरस के संक्रमण से यात्रियों को बचाने की पहल की है। रेलवे स्टेशन पर लगाए गए ट्रेनों के परिचालन की सूचना देने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से ही थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर जिस तरह से रेलगाड़ियों के परिचालन की सूचना दी जाती है। ठीक उसी तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये गये टिप्स का प्रसारण किया जा रहा है। इस प्रसारण को रेल यात्री भी एक बार रुक कर जरूर ध्यान से सुन रहे हैं। वहीं रेलवे स्टेशन व रेलगाड़ियों में भी मास्क लगाकर रेल यात्रा करते हुए रेल यात्री नजर आ रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव से संबंधित जारी गाइड लाइन के अनुसार इसके लक्षण और बचाव की जानकारी दी जा रही है। उल्लेखनीय है कि चीन सहित अन्य देशों में पैर पसार रहे कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा सहित रेलवे विभाग भी अलर्ट है।

जानिए क्या है कोरोना वायरस :

एकमा बाजार में न्यू लाईफ क्लिनिक के संचालक डॉ. सत्यदेव प्रसाद यादव ने बताया कि चीन के वुहान प्रांत से फैले कोरोना वायरस ने चीन के बाद अपने पैर कई देशों में भी तेजी से फैलाना शुरू किया है। इस परिस्थिति में लोगों को इस बीमारी से बचाए रखने हेतु कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानी हो सकती है। डब्लूएचओ के अनुसार बुखार,खांसी,सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है। इसलिए सतर्कता बरतना ही सबसे पहले जरूरी है।

जानिए इसके लक्षण :

कोरोना वायरस के लक्षण स्वाइन फ्लू जैसे ही हैं। इसके संक्रमण के पश्चात नाक बहना, बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, सिर में तेज दर्द, निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस व गले में खराश जैसी परेशानी उत्पन्न होती हैं।

यहां से पैर पसारना शुरू किया यह वायरस :

एकमा सीएचसी के डॉ. अमित कुमार तिवारी ने बताया कि इसका वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ। इसके बाद इससे पीड़ित मरीज थाईलैंड, सिंगापुर, जापान में भी मिलने लगे हैं। हाल ही में इंग्लैंड में भी एक परिवार के इस वायरस की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे बरतें सावधानियां :

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जो इस प्रकार से हैं :

– हर व्यक्ति अपने हाथ साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से कई बार साफ करें।

– खांसते या छींकते हुए वह अपनी नाक व मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढक लें।

– जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।

– मांस व अंडों को खाने से पहले ठीक से पकाएं।

– जंगली व खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क में आने से बचें।

– भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।

– विशेष तौर पर चीन से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहें।

– सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह से धोएं।

– जिन देशों या जगहों पर इस बीमारी का प्रकोप फैला है। वहां की यात्रा करने से भी बचें।

– सार्वजनिक स्थानों व सार्वजनिक यातायात के साधनों में कुछ भी छूने अथवा किसी से हाथ मिलाने से बचें।

एकमा में भी दिख रहा हाथ मिलाने से परहेज :

कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत के चलते एकमा नगर पंचायत बाजार सहित ग्रामीण इलाकों में भी छात्र व नौजवान एक दूसरे से मिलते- जुलते वक्त हाथ मिलाने से परहेज करने लगे हैं। रामपुर गांव निवासी चंदन श्रीवास्तव, नचाप गांव निवासी विनय कुमार सिंह, आमडाढ़ी निवासी ओमप्रकाश यादव, शिक्षक कमल कुमार सिंह, डॉ. शशि भूषण शाही, डॉ. दिलीप कुमार प्रसाद आदि का कहना है कि इस बीमारी के चलते हाथ मिलाने की आधुनिक परंपरा पर विराम लग रहा है। वहीं हमारी वैदिक संस्कृति के तहत हाथ जोड़कर प्रणाम करने की परंपरा पुनः शुरू हो रही है.

इनपुट:चंद्र प्रकाश राज/वीरेंद्र यादव/के.के सेंगर