महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं है महिला चिकित्सक, पुरुष चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर मरीज महिला

0

पुरुष चिकित्सकों के द्वारा इलाज कराने को मजबूर हैं, यहां की महिला मरीज।

सीवान: महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक को न होने से ज्यादातर महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं. गौरतलब हो कि यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत कई वर्षों से महिला चिकित्सक का पद रिक्त हैं. लेकिन अभी तक महिला चिकित्सकों की बहाली नहीं ली गई हैं, जिसके कारण प्रत्येक दिन अस्पताल पहुंचने वाले दर्जनों महिला मरीजों को इलाज में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं. आलम यह है कि अब इलाज को लेकर महिलाएं सरकारी अस्पताल को छोड़ मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों की तरह रुख कर रही हैं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक को न होने के कारण अस्पताल पहुंची महिला मरीजों का भी इलाज पुरुष चिकित्सक के द्वारा ही की जाती हैं. जिसके कारण कई महिला मरीज अस्पताल में इलाज नहीं करा बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में चिकित्सा के लिए मजबूर हैं. गौरतलब हो कि विगत कई वर्षों से स्थानीय लोग तथा अस्पताल प्रबंधक के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की पदस्थापना की मांगे होती चली आ रही हैं. परंतु लाख पत्राचार के बावजूद भी स्वास्थ्य प्रशासन नतमस्तक हैं.अब हालात यह है कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रसूताओं का प्रसव तो एएनएम द्वारा करा दिया जाता है. लेकिन महिला चिकित्सक के अभाव में ऑपरेशन का काम पुरुष चिकित्सक से ही कराया जाता है. जिससे महिला मरीजों को काफी असहजता झेलनी पड़ती है. ऐसे मरीज चिकित्सकों के समक्ष अपनी समस्या को भी सही ढ़ंग से नहीं रख पाती हैं. बता दें कि महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक महिला चिकित्सक डॉ. नगमा खातुन कार्यरत थी. जिनका स्थानान्तरण सन् 2003 में हो गया। उसके बाद से अस्पताल में महिला चिकित्सक का पद लगातार रिक्त पड़ा हुआ है.

प्राथमिक स्वास्थ्य की हालत दैनिए कभी भी हो सकती है बड़ी घटना।

महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब जर्जर होने लगी हैं. मरम्मत के अभाव के कारण सामने की सड़कों से गुजरने वाले बड़े भारी वाहनों की धमक से अस्पताल में दल-दलाहट से महसूस होती हैं. अस्पतालों में काम कर रहे कर्मचारियों की माने तो उनका कहना था कि महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और महाराजगंज अनुमंडल अस्पताल कि फासले महज कुछ दूरी पर ही हैं. नवनिर्मित उधर अनुमंडल अस्पताल में चिकित्सकों और साधनों की कमी हैं. तो इधर वर्षों पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत जर्जर बनी हुई हैं. उनका कहना था कि स्वास्थ्य विभाग को यथाशीघ्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अनुमंडल अस्पताल के अंदर ही शिफ्ट कर देना चाहिए. ताकि असुविधा की कमी को पूरा किया जा सके. वहीं महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक को न रहने के कारण महिला मरीजों को काफी परेशानी हो रही हैं.

क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सक पदाधिकारी

युक्त बातों पर महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का कहना था कि अस्पताल में महिला चिकित्सक के नहीं रहने से काफी परेशानी हो रही हैं. महिला मरीजों को होने वाले परेशानियों के कारणों का विभागीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका हैं.महिला चिकित्सक को यहां पदस्थापित करने का आश्वासन भी कई बार दिए जा चुके हैं.हालांकि समस्या की अवगत कराने के बाद भी अबतक यह आश्वासन ही बना हुआ है.

डाँ.रामेश्वर प्रसाद सिन्हा, प्रभारी चिकित्सक पदाधिकारी, महाराजगंज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here