जानिए सीवान में कहा दो पीढ़ियों से किशोरावस्था में पहुंचते ही अंधे हो जाते हैं बच्चे.

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बच्चों के अंधे होने और बीमारी के इलाज के लिए गांव के सैकड़ों ग्रामीण और जदयू कार्यकर्ता पहल करने में लगे हुए हैं

फ़ोटो: अपने अंधे परिवार के साथ फूलमती कुंवर
फ़ोटो: अपने अंधे परिवार के साथ फूलमती कुंवर

सीवान: के आंदर प्रखंड सहसरांव गांव के विधवा फूलमती कुंवर के परिवार में पिछले दो पीढ़ियों से बच्चों की किशोरावस्था में अंधे होने की बीमारी लगातार चलता चला रहा हैं. वहीं गांव में इस तरह की बीमारियों से जूझ रहे फूलमती कुंवर के परिवार वालों की मदद को अब ग्रामीण समेत जनप्रतिनिधियों के भी हाथ बढ़ने लगे हैं. किशोरावस्था में ही बच्चों के अंधे होने की बीमारी के इलाज के लिए स्थानीय ग्रामीण के साथ जदयू कार्यकर्ता भी पहल करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. शनिवार को जनता दल यूनाइटेड के श्री भगवान साह ने सिविल सर्जन सीवान को पत्र लिखकर उक्त समस्याओं से परेशान गांव की इस महिला की समस्या से सीवान सिविल सर्जन को वाकिफ कराया हैं।

सीवान सिविल सर्जन को दिए गए पत्र में यह लिखा गया है कि आंदर प्रखंड के सहसरांव गांव में विधवा फूलमती कुंवर के परिवार में विगत दो पीढ़ी से बच्चें तो स्वास्थ्य पैदा होते हैं लेकिन किशोरावस्था में प्रवेश करते ही कम दिखाई देना लगता हैं और कुछ वर्ष के बाद पूर्ण रूप से अंधे हो जाते हैं पत्र में लिखा गया है कि उक्त समस्या के निवारण के लिए परिवार के सदस्यों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर विधायक एवं सांसद ने आश्वासन दिया है लेकिन आज तक प्रभावित परिवार को किसी प्रकार का मदद नहीं मिला है,साथ ही पत्र की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आंदर,जिलाधिकारी सीवान एवं स्वास्थ्य मंत्री बिहार को भी भेजी गई है। मौके पर जदयू नेता सुशील गुप्ता,अमरनाथ राम,हरेराम भगत,राकेश भगत,बलराम सिंह,मनु पाठक मौजूद रहें.इनपुट सुशील गुप्ता/ प्रियांशु कुमार सिंह (सीवान)

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