सारण्य महोत्सव की पूर्व तैयारी में कलाकारों ने बिखेरा जलवा।

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एक मार्च को होगा उद्घाटन,आयोजक मंडल व कलाकारों ने झोंकी ताकत

छपरा(सारण)।ढ़ोलक की थाप और तबले की ताल पर शुक्रवार की देर शाम जिले के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतिया देकर दर्शकों का मन मोह लिया।रिकार्डिंग डांस,गजल,भाव-नृत्य,कवि गोष्ठी व भोजपूरी गीत संगीत से सराबोर सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को इस कदर झुमाया कि कब रात ढ़ल गयी,पता ही नहीं चला।मौका था-सारण्य महोत्सव की पूर्व तैयारी को लेकर कलाकारों के रिहल्सल का।काशी बाजार स्थित एडूकोन्स एकेडमी परिसर में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में शहर के कई गण्यमान्य लोगो ने शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरूआत कृष्ण मेनन द्वारा सरस्वति-वंदना गाकर किया गया।इसके बाद संगीत शिक्षिका हैप्पी श्रीवास्तव ने जब गाया कि ‘कंकरिया मार के जगाया,कल रात सपने में आया—-बालमा—- तो पूरा दर्शक दीर्घा तालियों की गूंज से भर गया।इधर,प्रो.शकील अनवर की प्रस्तुती पर भी दर्शक गदगद थे।गायिका मंजरी कसेरा की प्रस्तुती – ‘हम तेरे चाह में ऐ यार वहां तक पहूंचे,होश यह भी नहीं कि कहां तक पहूंचे’ पर भी दर्शक भाव-विभोर हो उठे।’हम त नईहर के बानीे रशीली कि लोगवा पागल कहेला ना’ की तान पर सोनम मिश्रा के रिकार्डिंग डांस पर तो दर्शक मानों सचमूच पागल हो नृत्य करने लगे।इसी तरह,ट्रेन चलने व रूकने की मौखिक आवाज व सन शाकाल की प्रस्तुती भी सराहनीय रही।अपने शानदार एंकरिंग से पत्रकार संजय भारद्वाज ने दर्शकों को काफी आकर्षित किया तथा पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोतागण बंधे रहे।

दिघवारा से आए महेश स्वर्णकार तथा माही ने भी खूब ताली बटोरी।चर्चित लोक गायक रामेश्वर गोप की-सुंदर सी भूमि भईया,भारत के देशवा में मोरे प्राण बसे रे बटोहिया ने मारिसस में उनकी लोकप्रियता की याद ताजा कर दी।कुमारी ज्योत्सना और लोक गायिका प्रियंका सिंह की प्रस्तुती पर भी लोग वाह-वाह करते नजर आए।गायक प्रदीप पांडेय के भोजपूरी लोक गीत व शालिनी कुमारी की कविता पाठ ने लोगो में नया जोश भरा जबकि राजेश चंद्र मिश्रा की प्रस्तुति की तारीफ लोगों ने जमकर की।

इस मौके पर आयोजन संयोजक चंद्र प्रकाश राज ने कहा कि आयोजन से जुड़े कलाकारों का हौसला यह दर्शाता है कि आयोजन अपने उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करेगा ।इस अवसर पर राजेन्द्र कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह, प्रवक्ता विष्णु कुमार ,मीडिया प्रभारी प्रमोद सिंह टुन्ना, हर्षूल ब्रजेश, सुप्रशांत सिंह मोहित,शंकर शिशिर शरण,श्याम बिहारी अग्रवाल,विनय कुमार सिंह अधिवक्ता,अमितेश पप्पू,युगल किशोर राही,पूर्व प्राचार्य रामदयाल शर्मा,श्याम शानू,आदित्य अग्रवाल,अशोक कुमार सिंह,मनोकामना सिंह,कुलदीप महासेठ,प्रियांशू कुमार सिंह,चरण दास,अवधेश कुमार,मुकेश सिंह,धर्मेन्द्र कुमार,लालू,मुरली मनोहर मिश्र,गंगा शरण सिंह समेत अनेक लोग उपस्थित थे।

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