छपरा के क्वारेंटिन केंद्र में मजदूरों को चादर की जगह अधिकारियों ने थामा दी कफन का कपड़ा

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जीते जी मजदूरों को कफन का कपड़ा दे दिया. हंगामा बढ़ने के बाद जिलाधिकारी ने जांच का आदेश दिया है।


क्वारेंटिन केंद्र पर कफन का कपड़ा दिखाते प्रवासी मजदूर
क्वारेंटिन केंद्र पर कफन का कपड़ा दिखाते प्रवासी मजदूर

छपरा. राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटिन केंद्र में सुविधा देने की लाख दावे किए जा रहे है। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार के दावे सफेद हाथी साबित हो रही है। ऐसे ही एक मामला बिहार के छपरा से प्रकाश में आया है जहां अधिकारियों ने क्वारेंटिन केंद्र में मजदूरों को जीते जी चादर की बजाय कफन का कपड़ा थमा दिया। इसके बाद सेंटर में हंगामा होने लगा। दरअसल पूरा मामला इसुआपुर के शामकौड़िया उच्च विद्यालय के क्वारेंटिन केंद्र का हैं। प्रवासी अरविंद प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को सुबह में वे क्वारंटाइन सेंटर पहुंचे। वहां सब को कफन वाली चादरें ओढ़े देखा तो होश उड़ गए। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कफन ओढ़े ये क्‍वारंटाइन सेंटर के लिए आए हैं या मामला कुछ और है. जैसे तैसे खुद को संभाला तो उसे मालूम हुआ कि यहां सभी प्रवासियों को ओढ़ने के लिये यही दिया गया है. सभी को आभास हुआ कि ये जीते जी ओढ़ने वाली चादर नहीं है, तो सभी ने चादर फेंक दिया.डीएम सुब्रत कुमार सेन ने घटना की गंभीरता को समझते हुए इसकी जांच एडीएम को सौंप दी है और क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले श्रमिकों की चादरें बदल दी गई हैं।

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