अभी नहीं हुए सावधान तो तीसरे स्टेज में भारत को उठानी पड़ सकती है बड़ी-क्षति?.

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भारत अगर अगले 30 दिनों में इस बीमारी को रोकने में सफल नहीं हुआ तो यह थर्ड स्टेज यानी तीसरे स्टेज में पहुंच जाएगा।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी की जंग लड़ रहा आज पूरा विश्व में कोहराम मची हुई है। केंद्र सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए हर पहलुओं पर मुमकिन कोशिश कर रही हैं। हालांकि अब भी हिंदुस्तान में ऐसे कई लोग हैं जो सरकार के इन फैसलों के बावजूद भी एक दूसरे के संपर्क में आने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन की स्थिति में सैकड़ों बच्चे गलियों में क्रिकेट खेल रहे हैं। इन्हीं चंद लोगों के कारण प्रशासन कड़ी रूख अपनाई हुई हैं। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या तीसरे स्टेज में पहुंचते-पहुंचते पूरा हिन्दुस्तान साफ हो जायेगा। या एक गंभीर चिंता का विषय बना हैं। WHO की रिजनल डायरेक्ट,साउथ इस्ट एशिया, पूनम खेत्रपाल सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री को तीन चिट्ठियों के ज़रिए आगाह किया था.विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिट्ठी में कोरोना से निपटने के लिए क्या ज़रूरी क़दम हर देश को उठाने चाहिए उसका भी ज़िक्र किया था। हालांकि अबतक कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर चुका है.हालांकि तीसरे स्टेज में भारत के लिए गंभीर चुनौती हैं। माना जा रहा है कि तीसरे चरण में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या इतनी बढ़ जाएगी कि भारत के पास जितने लैब हैं उनमें सभी लोगों के टेस्ट पूरे नहीं किए जा सकते.

कोरोना वायरस के प्रकोप स्टेज दो में है,भारत

भारत अभी कोरोना वायरस के प्रकोप स्टेज दो में है,भारत अगर अगले 30 दिनों में इस बीमारी को रोकने में सफल नहीं हुआ तो यह थर्ड स्टेज यानी तीसरे स्टेज में पहुंच जाएगा। यह 30 दिनों के अंदर भारत को कोरोना को काबू करना होगा।

भारत के लिए चुनौती बना कोरोना वायरस का तीसरा स्टेज

भारत के लिए चुनौती का विषय है तीसरा स्टेज

ये खुलासा किया है देश के एक बड़े डॉक्टर और वैज्ञानिक बलराम भार्गव ने की हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) बलराम भार्गव ने चेतावनी दी है कि हर हाल में 30 दिन के अंदर भारत को कोरोना को काबू करना होगा।

किस स्टेज पर क्या होता हैं वायरस का असर?.

1.पहले स्टेज में बाहर से इंफेक्शन आता है और कुछ लोगों में फैलता है।

2. दूसरे स्टेज में संक्रमित व्यक्ति से उनके बहुत करीबियों तक यानी परिवार- दोस्तों में फैलता है। दूसरी स्टेज में कम्युनिटी इन्फेक्शन नहीं होता।

3. तीसरे स्टेज में जब संक्रमित शख्स दूसों के संपर्क में आते हैं तो इस कदम से यह कम्युनिटी में फैल जाता है।

4.चौथा स्टेज है कि सारे देश में वायरस का फैलना। इसमें मायने नहीं होता कि यह वायरस किसने किसको दिया। देश में वायरस फैसले से इससे सब लोगों में इंफेक्शन की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है और यह महामारी का रूप ले लेती है।

चीन और इटली में कोरोना का भयावह चरण

चीन और इटली जैसे देशों में कोरोना वायरस भयावह चरण में पहुंच चुका है। वैज्ञानिकों की माने तो अगर कोरोना वायरस भारत में संक्रमण का तीसरा चरण शुरू हुआ तो इसका प्रसार कम्युनिटी लेवल पर होना शुरू हो जाएगा। वहीं चौथे चरण में संक्रमण महामारी का रूप ले सकती है।

वायरस को रोकने में अबतक सफल रहे हैं यह देश

कोरोना वायरस को रोकने में जापान,दक्षिण कोरिया,हांगकांग और सिंगापुर जैसे देश अबतक इस वायरस पर काबू कर लिया हैं।

कोरोना वायरस के ख़तरे को भांपते हुए भारत ने बनाया था:जीओएम

भारत सरकार ने कोरोनावायरस के ख़तरे को भांपते हुए सबसे पहले स्थिति का जायज़ा लेने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) बनाया था। जीओएम की पहली बैठक 3 फरवरी को हुई थी.इस बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों के सचिव भी शामिल हुए.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन की अध्यक्षता में गठित इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में शामिल हैं – केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी,केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडवाडिया, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय,और स्वास्थ्य विभाग के राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे रहे.इस बैठक में केरल में पाए गए कोरोना वायरस के सबसे पहले मामले पर चर्चा हुई और आगे भारत को इस दिशा में क्या काम करना है इसका भी जिक्र हुआ.ये जीओएम एक निश्चित अंतराल पर मिल कर लगातार स्थिति का जायज़ा लेती रहती है.

भारत सरकार के अनुसार देश में 70 से ज्यादा टेस्टिंग यूनिट कर रही है काम।

भारत सरकार के अनुसार देश में 70 से ज़्यादा टेस्टिंग यूनिट हैं जो आईसीएमआर के अंतर्गत काम कर रहे हैं.आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक़ इस हफ़्ते के अंत तक क़रीब 50 और सरकारी लैब कोविड-19 की जाँच के लिए शुरू होंगे. कोविड-19 की जाँच के लिए भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से क़रीब दस लाख किट और माँगी हैं.आईसीएमआर ने यह भी दावा किया है कि 23 मार्च तक भारत में दो ऐसे लैब तैयार हो जाएंगे जहाँ 1400 टेस्ट रोज़ हो सकेंगे. इससे तीन घंटे के भीतर कोविड-19 की जाँच की जा सकेगी.इस तरह की कुछ अन्य मशीनें भी भारत सरकार ने विदेश से मंगवाई हैं. अमेरीका और जापान के पास इस तरह की मशीने हैं जिनसे एक घंटे में कोविड-19 की जाँच की जा सकती है.

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