सांप काटने से मौत होती है तो मिलेगा 5 लाख रुपये मुआवजा: पर्यावरण एवं वन मंत्री ने दी जानकारी

0

पटना। विधानसभा में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण एवं वन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि 5 सितम्बर, 2015 को सांप को वन्य प्राणियों की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस कारण शेर, बाघ, चीता, हाथी की तरह ही अगर किसी की सांप काटने से मौत हो जाए तो वन विभाग की ओर से मृतक के निकटतम परिजनों को पांच लाख का मुआवजा मिल सकता है।

सुशील कुमार मोदी ने बताया कि सांप के काटने से मौत होने पर ही मुआवजा नहीं मिल सकता। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस में दर्ज प्राथमिकी सहित अन्य आवश्यक कागजात की भी आवश्यकता होती है। जरूरी कागजात के साथ तय आवेदन पत्र में आवेदन करने के बाद ही मृतक के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा मिलेगा। गौरतलब हो कि

बिहार विधानसभा में संजय सरावगी के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी दी है।

अब तक बिहार में एक भी व्यक्ति ने मुआवजा के लिए वन विभाग के समक्ष नहीं किया सांप काटने का दवा।

गौरतलब हो कि 5 सितम्बर, 2015 को सांप को वन्य प्राणियों की श्रेणी में शामिल किया गया था। लेकिन अब तक बिहार मैं एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं पाया गया जो सांप काटने से मौत के बाद मुआवजा के लिए वन विभाग के समक्ष गया हो।

बाढ़ के समय सांप काटने से किसी की मौत होती है उसे अनुग्रह अनुदान का लाभ

विधानसभा के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह भी बात कही थी अगर बाढ़ के समय किसी भी व्यक्ति को सांप काटता है और उसकी मौत हो जाती है तो आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अनुग्रह अनुदान राशि देने का प्रावधान है। बताया कि बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 के तहत सर्पदंश से मौत होने पर दुर्घटना माना जाता है। बताते चलें कि विधानसभा के दौरान भोला यादव,संजय सरावगी और तारकिशोर प्रसाद ने सांप काटने और मुआवजा संबंधित जानकारी मांगी थी.