कोरोना से लड़ने में करें सहयोग, लॉकडाउन में अपने एवं परिवार का रखें ख्याल:सिविल सर्जन

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घर पर रहकर अपने परिवार का रखें ख्याल

• 194 सदिग्धों के सैंपल किये गए एकत्रित

• राज्य में 909 यात्रियों को ऑब्जरवेशन पर रखा गया

• लगभग 3.73 लाख यात्रियों की ट्रांजिट पॉइंट पर की गयी स्क्रीनिंग

पूर्णियाँ। कोरोनावायरस से लड़ने के लिए देश के साथ राज्य भी पूरी तरह तैयार है. इसके मद्देनजर मंगलवार की रात 8 बजे प्रधानमंत्री द्वारा जारी संदेश में देश के सभी जिलों को लॉकडाउन किया गया है. यद्यपि, कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार के सभी जिलों को पहले से ही लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में लोगों से लॉकडाउन में घर से बाहर नहीं निकलने की निरंतर अपील भी की जा रही है ताकि संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा सके.

लॉकडाउन में अपने एवं परिवार का रखें ख्याल:

सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने बताया लॉकडाउन की स्थिति में घर में ही रहने की हिदायत दी जा रही है. कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव का यह प्रभावी एवं अंतिम उपाय भी है. घर में रहने के दौरान लोगों को कुछ बातों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि घर के बच्चों एवं बुजुर्गों में संक्रमण को लेकर किसी भी प्रकार का भय उत्पन्न ना हो.

इन बातों का रखें ख्याल :-

• यदि घर से बाहर निकलना पड़े तब लोगों से 1 मीटर की दूरी जरुर बनायें.

• घर आने के बाद हाथों को 20 सेकंड तक पानी एवं साबुन से धोएं.

• बाहर में किसी भी चीज को छूने से परहेज करें.

• लॉकडाउन के नियमों के सख्ती से पालन करें.

• बुजुर्गों एवं बच्चों के खान-पान पर अधिक ध्यान दें. आहार में फ़ल एवं हरी सब्जियों को शामिल करें. ध्यान रखें –

• आपस में एक दूसरे से बात करते रहें ताकि किसी के मन में संक्रमण को लेकर भय व्याप्त ना हो

• बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने नहीं दें. उनसे बात-चीत करते रहें ताकि उनका मन भी बहलता रहे

• घर के किसी भी व्यक्ति की तबीयत खराब रहती हो तो उनके लिए पर्याप्त मात्रा में दवा खरीद कर रख लें

• लॉकडाउन में घर से निकलने में परहेज करें. जरुरी चीजों की खरीदारी करने के लिए यदि घर से निकलना पड़े तब घर लौटने के बाद हाथों की अच्छी से सफाई करके ही परिवार में किसी सदस्य के समीप जायें।

ट्रांजिट पॉइंट पर की जा रही स्क्रीनिंग:

राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इंडो-नेपाल के 49 ट्रांजिट पॉइंट पर 24 मार्च तक लगभग 3.73 लाख यात्रियों की स्क्रीनिंग की गयी है. जिसमें सुपौल के केवल 1 व्यक्ति में लक्षण पाया गया है. राज्य के 9 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कुल 194 सैंपल एकत्रित किये गए हैं, जिसमें 175 सैंपल नेगेटिव आए हैं एवं 14 की रिपोर्ट आनी बाकी है. 24 मार्च तक राज्य में कुल 3 मामलों की पुष्टि हुयी है जिनका ईलाज चल रहा है.

विभिन्न जिलों के बाहर से लौटे 909 यात्रियों को रखा गया ऑब्जरवेशन पर:

24 मार्च तक 909 यात्रियों को ऑब्जरवेशन पर रखा गया है.जिसमें अररिया के 2, सीतामढ़ी के 7, सारण के 57,भागलपुर के 36,सुपौल के 2, मधुबनी के 63.मधेपुरा के 9,भोजपुर के 21,गया के 55, सिवान के 42,गोपालगंज के 172,पटना के 100, पूर्वी चंपारण के 26,पश्चिमी चंपारण के 74, मुज्ज़फरपुर के 15,रोहतास के 10,समस्तीपुर के 48, वैशाली के 6,दरभंगा के 28,पूर्णिया के 1, कटिहार के 3, नवादा के 9, बेगुसराय के 7, नालंदा के 44,बक्सर के 4,मुंगेर के 12,अरवल के 1,जहानाबाद के 8,कैमूर के 11 एवं बांका के 2 यात्री शामिल है.

इनपुट:सीनियर जर्नलिस्ट चंद्रप्रकाश राज