संपूर्ण टीकाकरण से ही स्वस्थ बचपन की होगी शुरूआत: सिविल सर्जन

0

जिले के छह प्रखंडों में हुई अभियान की शुरूआत

• नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चे व महिलाओं को किया जायेगा जागरूक

छपरा। 6 जनवरी संपूर्ण टीकाकरण से ही स्वस्थ बचपन की शुरूआत होगी। बच्चें स्वस्थ रहेंगे तभी बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है.बच्चें ही देश के भविष्य है। इसलिए सभी बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण अनिवार्य है। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने शहर के अजायबगंज मुहल्ले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 115 पर सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत के दौरान कही. इसके पूर्व सीएस ने बच्चों को दवा पिलाकर अभियान की शुरूआत की.

डॉ. झा ने कहा यह अभियान विशेष रूप से वैसे बच्चों और गर्भवती माताओं के लिए है,जिनका नियमित टीकाकरण पूर्ण नहीं हुआ हैं या फिर एक भी टीका नहीं लगा है.उन्होंने बताया दूसरे चरण के लिए जिले में 1954 बच्‍चे एवं 248 गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है.शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग संकल्पित है.अभियान की मॉनीटरिग के लिए दल भी गठित किया गया है.अभियान में आशा,सेविका और एएनएम की भूमिका अहम है।प्रत्येक माह में सात दिन इस कार्यक्रम के तहत टीकाकरण किया जाएगा। इसे मार्च 2020 तक चलाया जाएगा.इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ.माधवेश्वर झा,जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.अजय कुमार शर्मा,डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ.रंजितेष कुमार,यूनिसेफ के एसएमसी आरती त्रिपाठी, सुबोध कुमार,शक्ति कुमार समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.

जिले में 225 स्थलों पर होगा टीकाकरण:

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.अजय कुमार शर्मा ने बताया सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान 2.0 का दूसरा चरण जिले के 6 प्रखंडों में चलाया जाएगा। इसके लिए इन प्रखंडों में कुल 225 स्थलों का चयन किया गया है। जहां पर अभियान चलाकर महिलाओं व बच्चों प्रतिरक्षित किया जायेगा।

96 एएनएम को दी गयी जिम्मेदारी:

अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गयी है। इसके लिए छह प्रखंडों में 96 एएनएम को कार्य पर लगाया गया है। इसकी मॉनिटिरिंग के लिए प्रखंडस्तर से लेकर जिलास्तर पर टीम बनायी गयी है।अभियान के दौरान टीम फिल्ड विजिट कर निरीक्षण भी करेगी।

इन प्रखंडों शुरू हुआ अभियान:

जिले के छह ऐसे प्रखंडों को चिन्हित किया गया है जहां पर टीकाकरण का लक्ष्य 80 प्रतिशत से कम है। जिसमें परसा, लहलादपुर, पानापुर, मढौरा, मांझी, मशरख को शामिल किया गया है। जहां पर सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान की शुरूआत की गयी है।

ईंट भट्ठे को किया गया चिन्हित:

इस अभियान के दौरान विशेष तौर पर ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिलाओं व उनके बच्चों को भी प्रतिरक्षित किया जायेग। इसके लिए ईंट भट्ठा संचालको से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।वहां पर काम करने वाली गर्भवती महिलाएं एवं बच्चों को टीका लगाया जायेगा।

टीकाकरण के पश्चात क्या करें:

• टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक टीकाकरण स्थल पर बैठे।

• एएनएम द्वारा दिये गए टीका व किस बीमारी से बचाव हेतु लगाया गया है उसकी जानकारी प्राप्त करें।

• अपने बच्चे की अगले टीकाकरण की जानकारी भी अवश्य लें।

• टीकाकरण के बाद बच्चे को दर्द बुखार या अन्य लक्षण है तो तुरंत अपने क्षेत्र के आशा व एएनएम से संपर्क करें।

• टीकाकरण कार्ड हमेशा संभालकर रखें। ये आपकी बच्चे के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी के लिए जरूरी है.

इनपुट:चंद्र प्रकाश राज/के.के सिंह सेंगर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here