ठंड में ठिठुरते आंगनबाड़ी के नौनिहालों पर तरस खाइये साहब

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सीवान। क्या ठंड केवल प्रथम से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को ही लगती है या आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे तीन से छह वर्ष के आयु के नौनिहालों को भी लगती है.सोमवार को भीषण शीतलहर के बावजूद क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्राें में आने वाले बच्चे ठिठुरने को मजबूर है.ठिठुराने वाली ठंड के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्र तो खुले लेकिन केन्द्रों पर पहुंचे नौनिहालों के अभिभावक कुछ इसी अंदाज के सवालों से लैश थे। उनका कहना था कि ठंड व कंपकंपी में छोटे-छोटे बच्चों को केन्द्रों पर लाया जाता है. कड़ाके की ठंड और कुहासा के कारण घर से निकलना भी कठिनाई का सबब बना है तो दूसरी ओर आंगनवाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों को पढ़ने के लिए बुलाया जा रहा है.अब ऐसे अबोध नौनिहालो को कड़ाके की ठंड की मार से अगर कुछ हो गया तो इसका जवाबदेह कौन होगा? यह चिंता की विषय बनी हुई है.जब प्रथम से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को ठंड लग सकती है तो तीन से लेकर छह वर्ष के अबोध नौनिहालो को क्यों नहीं.सबसे अहम बात यह है कि विद्यालयों में बच्चे बेंच और फर्नीचर पर बैठकर पढ़ाई करते है.हालांकि यहां तो वह भी नहीं है आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के लिए केवल और केवल जमीनी सतह ही होती है.जिस वजह से बच्चों को ठंड लगने की प्रतिशत और भी ज्यादा बढ़ जाती है.अब ऐसे में कौन चाहेगा कि उनके जिगर के टुकड़े को ठंड लगे और अपने नन्हें नौनिहालों को इस कड़ाके की ठंड में पढ़ाई के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर ले जाएं यह बात हजम नहीं होती.

स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्राें को भी बंद कराने की मांग

ग्रामीणों ने शीतलहर को देखते हुए स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्राें को भी बंद कराने की मांग की है उनका कहना है कि इस समय हाड़ कपाऊ ठंड पड़ रही है। इस भीषण ठंड से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है इसको देखते हुए शासन ने परिषदीय विद्यालयों के लिए छुट्टी कर दी गई है। लेकिन नौनिहालों के लिए खोले जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी संचालित है.

क्या कहते हैं आंगनवाड़ी केंद्र संचालक

आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है की केंद्र को बंद करने के लिए अब तक ऊपर से अनुमति प्राप्त नहीं हुई है.अगर आंगनबाड़ी केंद्र को ठंड की वजह से अब बंद करने की आदेश मिलती है तो केंद्र को यथाशीघ्र अगले आदेश तक बंद कर दिया जायेगा।

क्या कहते है जिम्मेदार

आंगनबाड़ी के लिए यह आदेश नहीं है. आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को भरपूर पोषण उनके केंद्र पर ही दिया जाता है.केंद्र प्रत्येक वार्ड में स्थित है जो बच्चों के घर से बिल्कुल करीब है.

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