मारपीट व चाकूबाजी में पांच घायल, गंभीर हालत में दो सदर अस्पताल में भर्ती

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एकमा: सारण थाना क्षेत्र के हंसराजपुर गांव में आपसी विवाद को लेकर मारपीट व चाकूबाजी की वारदात हो गई है। इस दौरान दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। इसके बाद सभी घायलों को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एकमा में भर्ती कराया गया। जहां से दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार हेतु सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय नगर पंचायत के हंसराजपुर गांव में रविवार की देर रात दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी के साथ शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इसके बाद मारपीट व चाकूबाजी की वारदात हो गई। हिंसक वारदात में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। घायल लोगों में एक पक्ष के संजय प्रसाद व छोटे प्रसाद जबकि दूसरे पक्ष के चिंटू कुमार, मंटू प्रसाद व पंकज प्रसाद शामिल हैं। सीएचसी एकमा में उपचार के दौरान दो लोगों क्रमशः संजय प्रसाद और छोटे प्रसाद को गंभीर हालत में बेहतर चिकित्सा हेतु सदर अस्पताल छपरा के लिए भेज दिया गया। जहां दोनों का उपचार चल रहा है। मामले में दोनों तरफ से स्थानीय पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

*घायलों के परिजनों ने सीएचसी में किया हंगामा,*

एकमा। रविवार की देर रात हिंसक वारदात के बाद उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकमा में पहुंचे घायलों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जब वे घायलों को उपचार के लिए सीएससी में पहुंचे तो मौके पर तैनात चिकित्सक के अलावा कोई भी अन्य स्टाफ ड्यूटी पर तैनात नहीं था। परिजनों ने बताया कि मौके पर ड्रेसर, कम्पाउंडर आदि कोई स्टाफ उपचार के लिए उपलब्ध नहीं था। इसलिए उन्हें हंगामा करना पड़ा। हालांकि ड्यूटी में तैनात चिकित्सक डॉ. सुशील प्रसाद द्वारा मामले को नियंत्रित करने के लिए कुछ एएनएम के अलावा बाहरी निजी अस्पताल के चिकित्साकर्मियों को बुलवाकर घायलों का समुचित उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका।

इस संबंध में पीड़ित के परिजनों ने सिविल सर्जन को भी दूरभाष पर मामले से अवगत कराया और सीएचसी में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की कमी को दूर करने हेतु आग्रह किया। वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉ सज्जन कुमार का कहना है कि सीएचसी में डॉक्टर, ड्रेसर, कंपाउंडर और अन्य कई स्टाफ की कमी है। इसके चलते मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने में परेशानी होती है। इसके चलते आयुष चिकित्सकों के द्वारा भी मरीजों का उपचार उपलब्ध कराए जा रहा है। बावजूद इसके हर स्थिति संभालनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर पदस्थापना हेतु कई बार वरीय अधिकारियों को आग्रह किया जा चुका हैं.Input):चंद्रप्रकाश राज/वीरेंद्र यादव

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