भगवान राम के चरित्र की हर किरण लोक-जीवन को करती है प्रेरित:अखिलेश किशोरी

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महाराजगंज। शहर मुख्यालय के नखास चौक स्थित मां दुर्गा अचंल प्राणप्रतिष्ठा के सात दिवसीय चल रहे शतचंडी महायज्ञ के छठे दिन गुरुवार को अयोध्या से पधारी साध्वी अखिलेश किशोरी ने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ने लगता है,उसका अंत करने के लिए भगवान इस धरा पर किसी न किसी रूप में अवतरित होते है.मथुरा नरेश कंस के अत्याचारों से मथुरा और गोकुलवासियों को मुक्त कराने के लिए भगवान विष्णु ने इस धरा पर माता देवकी के गर्भ से श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया. उन्होंने कंस का वध कर कारावास में बंदी बने अपने माता-पिता वासुदेव और देवकी को बंधन मुक्त किया.इसके पूर्व साध्वी रामायणी वैष्णवी ने भगवान पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र के चरित्र का चित्रण करते हुए सारगर्भित प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में बिल्कुल शांत होकर राम के चरित्र चित्रण का आनंद उठा रहे थे.साध्वी वैष्णवी ने कहा कि श्रीराम ने सदैव मानवीय मर्यादाओं का पालन किया.वे देश और समाज के लिए ही नहीं बल्कि सारे विश्व के लिए अनुकरणीय है.उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने जो भी कार्य किए वह सभी कार्य क्षण मात्र में कर सकते थे.लेकिन मानवीय मर्यादाओं का पालन करने को उन्होंने मानवीय सीमाओं में रहते हुए इन्हें पूरा किया.

इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। श्रीराम ने अपने द्वारा कार्य कर मनुष्य को पारिवारिक संबंधों और उनके दायित्वों के निर्वाहन की प्रमाणिकता सिद्ध की है.उन्होंने आगे कहा कि हम सभी को प्रभु श्रीराम के आचरण का अनुशरण कर जीवन से मुक्ति पाने का मार्ग पकड़ना चाहिए.राम चरित मानस हमें अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहते हुए उन्हें निभाने की सीख देता है। श्रीराम के चरित्र चित्रण के रसपान के बाद आरती की गई तत्पश्चात उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

मां दुर्गा मंदिर प्राणप्रतिष्ठा महायज्ञ की हुई पुर्णाहूति

मां दुर्गा अचंल प्राणप्रतिष्ठा शतचंडी महायज्ञ का समापन गुरुवार को हो गया.महायज्ञ के अंतिम दिन मंदिर परिसर में भव्य भंडारा का आयोजन किया गया.इसमें आसपास के कई गांवों के काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.सात दिनों तक चलने वाले शतचंडी महायज्ञ में कलश यात्रा,शोभा यात्रा, मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा,प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया गया.आयोजन समिति के मुख्य सदस्य राजेश अनल ने बताया कि इस क्षेत्र में मां दुर्गा कि मंदिर नहीं थी.इससे लोगों को पूजा पाठ करने में परेशानी होती थी.अब भव्य मंदिर का निर्माण होने से लोगों को पूजा पाठ करने में सुविधा होगी.

मां का दरबार खुलते ही मां के दर्शन को उमड़े भक्त,जयकारों से गूंजे देवी मंदिर

नखासचौक स्थित नवनियुक्त मंदिर मे अस्थापित फलदायनी मां कत्यायनी के दर्शन व पूजन के लिए गुरुवार को मंदिर परिसर मे भक्तों का पूजा अर्चना के लिए जन-सैलाब उमड़ पड़ा. मां कात्यायनी के जयकारे से देवी मंदिर व आसपास के क्षेत्र गूंजते रहे. देवी गीतों के साथ भजन-कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा.वहीं देवी गीतों की धुन पर श्रद्धालु भी थिरकते रहे. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की व्यवस्था चाक चौबंद रही.भारी संख्या में लोग विधि-विधान के साथ देवी मंदिर में पूजा अर्चना की और प्रसाद चढ़ाकर भोग लगाया.भक्तों ने मां के दरबार में चुनरी,नारियल,प्रसाद,चूड़ी आदि सामान चढ़ाने के लिए खरीदा। मां की पूजा अर्चन की और मां को प्रसाद चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की.बाद में मेले का लुत्फ उठाया और जमकर खरीददारी की.मौके पर समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रसाद,राजेश अनल, सुनील कुमार,हरिशंकर आशीष,शक्तिनरण प्रसाद,सुधीर कुमार,पवन कुमार,सतोष सोनी,मनोज कुमार यादव,दशरथ कुमार सहित अन्य सदस्य व सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.

Input: Priyanshu kr Singh

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