हकीकत समझने के बावजूद सड़कों पर घूमने की आदत कहीं आफत ना बन जाए

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अभी तो प्रशासन के लोग समझा रहे है,यदि कही समझ गए कि कोरोना से ग्रसित आप है तो प्रशासन को छोड़ो आपके अवलाद भी आपको छूने से डरेगें?

बड़े ही दुःख के साथ उपरोक्त या कुछ और पंक्तियों से आपके सुरक्षित रहने कि सलाह देने का प्रयास कर रहा हूँ।

महाराजगंज। जनता कर्फ्यू के दिन पुरानी बाजार पकवाइनार के पास चालीस पचास कि संख्या में बच्चें सड़क पर क्रिकेट खेलते हुए हो हल्ला मचा रहे थें,कोई समझने वाला नहीं था। और ना ही कोई समझाने वाला,इन्हीं में से यदि किसी को कोरोना हो जाय। इलाज के लिए अस्पताल में डांक्टर ना हो तो लोग सड़क जामकर प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगेगे,पर यह कोई नही कहेगा कि देश के प्रधानमंत्री के आहवान के अवहेलना कर रहे थे ये बच्चे। मां बाप परिजन पडोसियों में प्रशासन के खिलाफ बोलने का समय रहेगा पर अपने बच्चे पडोसियों के बच्चे को समझा-बुझाकर घर में रहने कि सलाह नही दे सकते। जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले अनुमंडल पदाधिकारी महाराजगंज मंजीत कुमार सोशल,प्रिंट मीडिया के माध्यम से अनुमंडलवासियों को घर में रहने कि सलाह दी थी। उसके बावजूद मोहन-बाजार,काजी-बाजार मे अपने घरों के आगें मजलिस जमाकर कुछ लोग गप मार रहे थे। पता नहीं कब सुबुद्धि आएगी कि लोग घर में रहेगें,दरवाजे पर बैठे लोगों को यदि घर में घुसा देना हो तो एक ही उपाय है जो मैं प्रैक्टिकल कर के देखा है, चंदा मांगिए कि गरीब की बेटी कि शादी है तो सब घर में घुसे ही रह रह जाएंगे। या घर में रहते हुए आवाज सुनाई देगा तबियत ठीक नही है जी.. हां या एक और उपाय पुलिस से उठवा कर थाना मंगवा लिया जाय तो आम का आम गुठली का दाम भी मिल जाएगा।

गुड्डू रंगिला का एक गीत याद आ रहा है जो सड़कों पर घुमने वालो पर फीट बैठता….. लात जूता चप्पल चाहे सैंडल तूहू मार चाहें बीच बाजार में हमार ईज्जत उतार बाकिर छोडेम ना अत्याचार करेद ऐ टिक्कूआ के पापा तनी प्यार करे द….

बस उपरोक्त पंक्ति फिट है प्रधानमंत्री कह गए,देश दुनियाभर के हालात से अवगत है अब का घर में किसी को होगा तो समझ में आएगा। या लातजुता वाला कहानी हों, हम राम,कृष्ण भोलेनाथ,महाबीर,गौतमबुद्ध के बंशज हैं घर में रहेगें सुरक्षित तभी कोरोना से होगा सुरक्षा। राजेन्द्र-चौक पर नगर पंचायत के तरफ से हाथ धोने,मास्क कि व्यवस्था कि गयी थी,नगरपंचायत के कर्मचारियों के हैंड सैनिटाइजर के लिए नहीं आम जन कि सुरक्षा के लिए,आम जन कि सुरक्षा ही नगर-पंचायत के लिए गौरव कि बात होगी,मगर यहा हैंड सैनिटाइजर कर के नहीं मुहसटा के देह सटा के गोदी में बैठा के हाथ धरा के आज टैम्पू में दर्जन भर बच्चे,महिलाएं पूजा करने निकले थे।यह जान रहे है कि यह बिमारी छुआछुत की है तौ भी ठुसठुस के बैठे थे।

कोरोना कही धरोना होगा तो का होगा। लिखने में हंसी भी आ रही थी। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बचाव के मद्देनजर नगर-पंचायत महाराजगंज के तरफ से हैंड सैनिटाइजर,मास्क कि व्यवस्था की गई थी। वही जिलापदाधिकारी ने द्वारा निर्गत ज्वाईट आंडर में पदस्थापित पदाधिकारी अपने ड्यूटी पर मुस्तैदी के साथ नजर बनाए हुए हैं।राजेंद्र-चौक पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मार्कण्डेय प्रसाद सिहं सुबह से ही विधि व्यवस्था पर नजर रखे है राजेन्द्र-चौक के दुकानदार को यह समझा रहें थे। भाई दुकानबंद कर लीजिये फिर भी लोग आदत से बाज नहीं आरहे थे,दुकान यदि बंद हो जाता तो बंद कराने वाले पदाधिकारी को मेडल नही मिलता ओ दुकानदार को कोरोना से सुरक्षा के लिए बंद करवा रहे थे। फिर भी दुकानदार लुकाछिपी में बेच रहे थे। कही लुकाछीपी में कोरोना के पेसेंट हो जाएगा। दुकानदार तो फिर घर भर को होगा सत्यानाश। कोई मिठाई खरीदने नही समाचार पुछने भी नहीं आएगा कि कईसन बारन।

हम मर्यादा पुरूषोत्तम राम,विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण,राजा हरिश्चन्द्र, राजा जनक ,महाबीर,भगवान महात्माबुद्ध के बंशज उनके आदर्श का पालन करनेवाले है भला हमकों कोई समझाए तो हम समझे हम पहले ही सुरक्षा के सारे इंतजाम कर ले तो मजा आएगा। कहने के लिए तो बहुत कुछ है मगर आज ओ दिन है कि हम सभी राष्ट्रहित,राष्ट्रीय सेवा,राष्ट्रधर्म का करे पालन तभी करेगा कोरोना पलायन। लेखनी से मैं किसी कि मर्यादा को ठेस नहीं पहुचाई है अगर आपको अच्छा नहीं लगे तो क्षमाप्रार्थी,अगर ठीक है तो फिर मिलेगे अगले लेखनी के साथ—इस उम्मीद के साथ कि कोरोना से ऐसा बरताव करो कि कोरोना रोना..। धन्यवाद

इनपुट: दिलीप कुमार सिंह
पत्रकार,महाराजगंज (सीवान)