महाराजगंज में बिजली गुल की समस्या से उपभोक्ता परेशान!

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महाराजगंज में 16 मेगावाट के जगह मात्र 5 मेगावाट ही बिजली


महाराजगंज.अनुमंडल शहर मुख्यालय समेत ग्रामीण फीडरों में मिलने वाले बिजली की लचर व्यवस्था के कारण उपभोक्ता काफी नाराज़ है.तकनीकी की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ता इस उमस भरी गर्मी में अत्यधिक परेशान है.कभी लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है तो कभी बिजली गुल होने की समस्या सामने आ रही है। कारण कि लोगों को औसत से कम ही बिजली मिल रही है.इधर सुबह से आसमान पर सोमवार को बादल छाए रहे। दोपहर में बहुत कम समय के लिए धूप निकली। इससे दिनभर शाम होने जैसा माहौल बना रहा। दिन भर धूप के तेवर भले ही तेज नहीं हुए लेकिन, उमस भरी गर्मी दिन भर लोगों के पसीने छुड़ाती रही। शाम होने के बाद भी लोगों को उमस से छुटकारा नहीं मिल सका। ऐसे में आमजन कूलर-पंखे चलाकर उमस भरी गर्मी से राहत पाने के इंतजाम करते नजर आए। रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार की तुलना में सोमवार के अधिकतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है लेकिन,उमस भरी गर्मी से जरा भी राहत नहीं मिल सकी है।


बिजली कटौती बढ़ा रही आमजन की परेशानी


महाराजगंज पावर सब-स्टेशन से फिलहाल मिल रही ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती की समस्या उत्पन्न हो रही है.हालात ऐसे है कि दिन और रात के समय कई-कई घंटों तक बिजली कटौती की जा रही है। महाराजगंज क्षेत्र के बसंतपुर फीडर समेत अन्य गांवों में शनिवार की रात भर बिजली गुल रही। लोग लाइनमैन से लेकर बिजली कंपनी के अधिकारियों को बार-बार फोन लगाते रहे लेकिन, किसी ने ग्रामीणों का फोन रिसीव नहीं किया। इस वजह से रविवार की शाम तक ग्रामीणों को उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के रहना पड़ा। ग्रामीणों की माने तो दिन-रात की जा रही इस बिजली कटौती से वह ठीक से सो भी नहीं पा रहे है। वह बिजली बिल समय पर जमा करवा रहे है लेकिन,बिजली कंपनी के अधिकारी बिजली कटौती बंद नहीं करवा रहे और उनके गांव में जो जली हुई बिजली केबल है उसे भी नहीं बदलवाया जा रहा है.


7 जुलाई को सब-डिवीजन को मिला था डिवीजन का दर्जा


महाराजगंज सब-डिवीजन को हाल ही में नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड कंपनी ने 7 जुलाई को डिवीजन के रूप में नोटिफिकेशन जारी किया है.प्रशासनिक दृष्टिकोण से डिवीजन के बंटवारे के बाद यहां कार्यपालक अभियंता की तैनाती भी कर दी गई है.हालांकि फिलहाल महाराजगंज में डिवीजन तैयार करने के लिए वर्षों का समय लग सकते हैं.


16 मेगावाट के जगह मात्र 5 मेगावाट ही मिल रही बिजली


महाराजगंज सब-स्टेशन में फिलहाल 10 फीडर मौजूद है.इनमें जलालपुर तथा महाराजगंज सब-स्टेशन अलग-अलग कार्य कर रहे है.जलालपुर सब-स्टेशन में रुकुन्दीपुर,फतेहपुर,सतजोड़ा,शेरही मछौता शामिल है.वहीं महाराजगंज सब-स्टेशन से महाराजगंज शहरी,ग्रामीण,तरवारा,दरौंदा,बसंतपुर मौजूद है.अब 16 मेगावाट के जगह शाम को मात्र 5 मेगावाट बिजली मिलने की वजह से सभी फीडर को बंद करने के बाद एक-एक फीडर को बारी बारी से संचालित किया जा रहा है.कारण यही है कि उमस भरी गर्मी में कई घंटे लोग बिजली के इंतजार में परेशानी झेलने को मजबूर है.

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