मशरुम के उत्पादन और प्रकार की जानकारी के लिए कार्यशाला का आयोजन

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आर्थिक समृद्धि के लिए मशरूम की खेती करे युवा, इंजीनियर संजीव कुमार

सीवान: महाराजगंज शहर के सुप्रसिद्ध जरतीमाई वेलफेयर एकेडमी के प्रांगण में शनिवार को चन्द्रिका सेवायतन के तत्वधान में आधुनिक तकनीकी पर मशरुम के उत्पादन और उसके प्रकार की जानकारी मशरुम मैन एवं किसान इंजीनियर संजीव कुमार के नेतृत्व में महिलाएं व छात्राओं को जानकारी दी गयी। कार्यशाला में मशरुम के फायदे एवं आर्थिक उन्नति के बारे में बताया गया। मशरुम की खेती से आर्थिक क्रांति लायी जा सकती हैं। यह एक रोजगार का बेहतर विकल्प हैं। उन्होनें ने बताया कि मशरुम एक तरह का फसल हैं। जो पूरे भारत में 6 सौ मिलियन टन कृषि अपशिष्ट निकलता है. अगर उसका 1 फ़ीसदी भी अपशिष्ट मशरुम के उत्पादन में लगाया जाता है. तो पूरे देश में प्रोटींन की कमी से होने वाले कुपोषण को दूर किया जा सकता हैं। प्रोटीन उत्पादन के लिए मशरूम सबसे सस्ता एवं सरल तरीका हैं। इसमें उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन विटामिन लवंग तत्व खनिज तत्व एवं (फाइबर) रेशा प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं। मशरुम को हम कम जगह में भी उत्पादन कर सकते हैं। आज के आधुनिकता के दौर में कम होते जोत के जमीन के कारण मशरूम कृषि के लिए एक कारगर भूमिका निभा सकती हैं।

किसान के द्वारा पुआल और गेहूं के भूसा को जलाने से खेती की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है.एवं वायूमंडल प्रदूषित हो रहा है इसको मशरूम के उत्पादन में प्रयोग कर किया जा सकता हैं। मशरूम की खेती से किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि लाया जा सकता हैं। उन्होंने पूरे देश के नौजवानों से अपील की मशरूम का पूरा देश में बड़ा बाजार है. मशरूम भारत में मात्र 40 ग्राम प्रति व्यक्ति औसतन पर रह जाता हैं। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि मशरूम के गुण के बारे में प्रचार प्रसार किया जाए। बिहार जैसे प्रदेशों में इसकी प्रजाति को बदल बदल कर आसानी से प्राकृतिक वातावरण में इसकी खेती की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि भारत और चाइना में 1984 में बड़े पैमाने पर मशरुम की उत्पादन देने की कार्य योजना बनी। आज पूरी दुनिया के बाजार में 40 फ़ीसदी हिस्सा पर चाइना का कब्जा में है. जबकि भारत अपने देश के घरेलू मांग को पूर्ण करने में असमर्थ हैं। मशरुम अधिकांश आदमी की थाली में भी नहीं पहुंच रही हैं। मशरूम आज पूरे देश के नौजवान में रोजगार के जरीये आर्थिक समृद्धि ला सकता हैं। इस कार्यक्रम में चंद्रिका सेवायतन के सचिव निर्मला जयसवाल जरती माई वेलफेयर ऐकडमी के निर्देशक सनोज कुमार प्रबंधक बबलू कुमार कुशवाहा शिक्षिका सोनम बौद्ध प्रियदर्शनी कुमारी अनामिका कुमारी सविता कुमारी आपसा खातून खुशबू कुमारी काजल कुमारी मुस्कान कुमारी रीना कुमारी रजनी कुमारी ममता कुमारी रेखा कुमारी किरण कुमारी रिमझिम कुमारी ब्यूटी कुमारी मोना कुमारी सरोज कुमारी शिल्पी कुमारी आदि उपस्थित थी।

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