गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कि बिहार को विशेष राज्य की दर्जा दिलाने की मांग

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ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे केंद्रीय मंत्री अमित शाह

ओड़िशा। की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य की दर्जा दिलाने की बात रखी है,उन्होंने आयोजित क्षेत्रीय परिषद की बैठक कहा कि बिहार के अलावे अन्य पिछड़े राज्यों को पिछड़ेपन से उबारने और राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए केंद्र से सकारात्मक पहल की जरूरत है.वहीं आयोजित बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई.कहा कि पिछड़े राज्यों को मुख्य धारा में लाने के लिए नयी सोच के तहत आवश्यक नीतिगत ढांचा तैयार करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि वे भी देश के विकास में योगदान दे सकें.ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने कहा कि जिन राज्यों को विशेष श्रेणी के राज्य का दर्जा मिला है, उन राज्यों ने विकास के मामले में प्रगति की है.पिछले कुछ वर्षों में दोहरे अंक में विकास दर हासिल करने के बावजूद भी बिहार विकास के प्रमुख मापदंडों- गरीबी रेखा, प्रति व्यक्ति आय, औद्योगीकरण और सामाजिक एवं भौतिक आधारभूत संरचना में राष्ट्रीय औसत से नीचे है,नीतीश कुमार ने पूर्वी क्षेत्र के राज्यों के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और विरासत एक जैसी है. ऐतिहासिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक कारणों से वर्तमान परिस्थिति भी एक-सी है. कुछ समस्याएं भी समान हैं और हम सबको साथ मिलकर उनका हल निकालना है.मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रिंगिंग ग्रीन रिवोल्युशन इन इस्टर्न इंडिया के तहत 2019-20 में बिहार को मात्र 52 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. उन्होंने इस योजना के तहत बिहार के लिए प्रति वर्ष हजार करोड़ रुपये जारी करने की मांग की.उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पंजाब और हरियाणा की तरह बिहार को भी विशेष पैकेज में शामिल किया जाये. साथ ही इसके लिए उन्होंने बिहार को 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने को कहा. नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से बिहार समेत पूर्वी राज्यों में कृषि के क्षेत्र में पर्याप्त निवेश की मांग की.