आँखे हुई नम जब पिता ने शहीद बेटे के स्मारक पर जलाया पहला दीया

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 रिपोर्ट: चन्द्र प्रकाश वरिष्ठ पत्रकार

छपरा:-रिविलगंज के एक दिया शहीदों के नाम कार्यक्रम के तहत् सारण के रिविलगंज नगरपालिका स्थित शहीद सेना के जवान संतोष सिंह के स्मारक पर दीप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हमारे रक्षा मे शहीद सैनिक शौर्य, पराक्रम व समर्पण के प्रतीक हैं। भावना के इसी स्नेह के साथ त्याग की बाती ले देशप्रेम का दीया जलाने को सोशल सर्विस एक्सप्रेस ने “एक दीया शहीदों के नाम” कार्यक्रम रिविलगंज के मिडिल स्कूल के पास स्थापित शहीद संतोष की प्रतिमा के पास किया ।

छपरा शहीद सेना के जवान संतोष सिंह को दी श्रद्धांजलि 

शहीद के नाम का पहला दीया जला नमन किये जाने के कार्यक्रम मे वहा उपस्थित लोगो की आँखे उस वक्त नम हो गई जब पिता ने शहीद बेटे को दीपावली का पहला दीया समर्पित किया। नम आँखो से शहीद संतोष के पिता श्री यदुवंश नारायण सिंह ने अपने बेटे को याद करते हुये कहा कि भारत माता की रक्षा के लिये मैने अपने बेटे को खोया है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है कार्यक्रम मे संस्था के  सदस्यों व स्थानीय लोगों ने दीप जलाकर शहीद संतोष  को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद जवान की शहादत को याद कर लोगों की आंखें नम हो गई। उन्होंने शपथ ली कि वे हर दिवाली पर शहीदों के नाम का एक दीया जरूर जलाएंगे संस्था के भँवर किशोर ने कहा कि सैनिक सरहद की रक्षा करते हैं, तभी देश की जनता चैन की सांस लेती है। इसलिए वीर जवानों की शहादत को कभी भूलना नहीं चाहिए। हमें अपने देश की सेना पर गर्व है। मुकेश कुमार ने कहा कि देश को आतंकवादियों से बचाने के लिए वीर जवानों ने कुर्बानियां दी हैं। उन कुर्बानियों का ही नतीजा है कि देश में अमन-शांति है। सैनिक देश के लिए मर मिटने को हमेशा तैयार रहता है। यह जज्बा हर एक हिंदुस्तानी में होना चाहिए। शहीद संतोष कुमार सिंह, रिविलगंज के शमसुद्दीनपुर के निवासी थे। अक्टूबर,1999 में सेना मे शामिल शहीद संतोष ने भारत माता की रक्षा के लिये 27 मार्च, 2003 को अपने प्राणों को देश के लिये न्योछावर कर दिया कार्यक्रम में धीरज , मुकेश , विशाल, ऋषि, रौशन , आजाद सहित कई लोग मौजूद रहे।

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