कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए पोषण पखवाड़े के तहत आयोजित गतिविधियों में हुआ बदलाव

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किसी भी प्रकार की सामूहिक गतिविधियों का नहीं होगा आयोजन

सेविकाएँ घर-घर जाकर पोषण एवं कोरोना वायरस पर लोगों को करेंगी जागरूक

पूर्णियाँ। कोरोना वायरस के विश्व एवं देश में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर 8 मार्च से 22 मार्च तक राज्य भर में चलाये जाने वाले पोषण पखवाड़े के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों में संशोधन किया गया है. इसको लेकर आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिला अधिकरियों को पत्र लिखकर विस्तार से दिशा-निर्देश दिया है. पत्र के द्वारा कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने एवं उससे बचाव के लिए विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन 13 मार्च से 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है.साथ ही इस दौरान किसी भी प्रकार की सामूहिक गतिविधियों का आयोजन भी नहीं किया जाएगा.

पोषण पखवाड़े में सेविकाएँ करेंगी गृह भ्रमण:

आईसीडीएस डीपीओ शोभा सिन्हा ने कहा कि पत्र द्वारा निर्देशित किया गया है कि पोषण अभियान के तहत राज्य भर में 8 मार्च से पोषण पखवाड़ा चलाया जा रहा है, जो 22 मार्च तक चलाया जाना था. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ने की संभावना को देखते हुए पोषण अभियान के तहत समुदायिक गतिविधियों का आयोजन नहीं किया जाएगा.आंगनबाड़ी केद्रों के बंद होने के बावजूद जन आन्दोलन प्रभावित न हो सके इसके लिए आँगनबाड़ी सेविकाएँ इस दौरान मुख्य रूप से गृह भ्रमण करेंगी एवं लोगों को पोषण सहित कोरोना वायरस पर भी लोगों को जागरूक करेंगी.

गृह भ्रमण में सेविकाएँ ऐसी करेंगी जागरूक:

• गृह भ्रमण के माध्यम से पोषण के संदेशों के द्वारा समुदाय को जागरूक करेंगी।

• गृह भ्रमण के दौरान शौचालय के महत्व, स्वच्छ पेयजल का महत्व, संतुलित आहार,परिवार नियोजन, हाथों व व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण अभियान के लक्ष्यों यथा नाटापन, दुबलापन, अल्प वजन व एनीमिया की कमी दूर करने के लिए सेविकाएँ जरुरी परामर्श देंगी।

• सेविकाओं द्वारा लक्षित लाभुकों के घरों में जाकर अन्नप्राशन एवं गोदभराई की गतिविधि की जाएंगी एवं उन्हें उचित परामर्श दिया जाएगा।

• सेविका प्रतिदिन गृह भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,किशोरी बालिका योजना आदि के तहत दिए जाने वाले लाभों की जानकारी देंगी. साथ ही नए लाभुकों का पंजीयन भी सुनिश्चित कराएंगी.

• प्रतिदिन गृह भ्रमण के उपरांत गतिविधियों को आईसीडीएस-कैस (कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर) पर अपलोड करेंगी,जिसका शत-प्रतिशत अनुश्रवण महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।

कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर सेविकाएँ इन संदेशों पर फैलाएगी जागरूकता:

• अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं या अल्कोहल आधारित हैण्ड वाश, सेनेटाइजर का उपयोग करें।

• खांसने, छींकने, खाना पकाने से पहले, पकाने के दौरान एवं बाद में, खाना खाने से पहले एवं शौचालय के बाद एवं जानवरों की देखभाल के बाद हाथों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ़ करें।

• छींकते एवं खांसते समय अपना मुँह ढककर रखने, अपनी आँखों, नाक और मुँह को बार-बार छूने से बचने।

• अगर किसी व्यक्ति को खाँसी या बुखार हो तो निकट सम्पर्क में जाने से बचें।

• किसी बड़े समारोह एवं आयोजन में भाग लेने से बचें।

• व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की साफ़-सफाई हेतु समुदाय को जागरूक किया जाए.इसके अलावा बाल विकास परियोजन पदाधिकारी/ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के सुरक्षात्मक उपायों के बैनर, फ्लेक्स, पोस्टर एवं पम्पलेट आदि छपवाकर लोगों को कोरोना वायरस पर जागरूक किया जाएगा.

इनपुट:सीनियर जर्नलिस्ट चंद्रप्रकाश राज