दुनिया भर में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी और उन्हें प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

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सीवान। महिलाओं के लिए सबसे अहम दिन अंतराष्ट्रीय महिला दिवस हैं। त्याग का दूसरा नाम कहलाने वाली महिलाएं आज के दिन का बेसब्री से इंतजार करती हैं.इस दिन संपूर्ण विश्व की महिलाएं देश,जात-पात,भाषा, राजनीतिक,सांस्कृतिक भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को मनाती हैं। हर साल नए थीम के साथ इसका आयोजन होता है.इस दिन महिलाओ के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए विशेष तरह के आयोजनों में समाज के हित में कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित होती हैं.महिलाएं इस दिन को वाटसप्प फेसबुक जैसे अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स का उपयोग करके एक दूसरे को संदेश देती हैं.दुनिया भर में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी और उन्हें प्रेरित करने के लिए अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिर्फ भारत हीं नहीं बल्कि पूरे विश्व में नारी को जागरुक करने के लिए अनेक जागरुकता वालें कार्यक्रमों का आयोजन होता है.नारी कहती हैं कि अब अपने फैसलों को लेकर हम पुरुषों पर निर्भर नहीं हैं.वहीं दूसरी तरफ पुरुष भी महिलाओं को लेकर संवेदनशील हो रहे हैं. महिला दिवस पर पुरुषों का उत्साह भी देखते ही बनता है। इस दिन विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान,प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मज़दूर आंदोलन से उपजा है.इसका बीजारोपण साल 1908 में हुआ था। जब 15 हज़ार औरतों ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों की मांग की थी.इसके अलावा उनकी मांग थी कि उन्हें बेहतर वेतन दिया जाए और मतदान करने का अधिकार भी दिया जाए. एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमरीका ने इस दिन को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया. कुछ क्षेत्रों में,यह दिवस अपना राजनीतिक मूलस्वरूप खो चूका है,और अब यह मात्र महिलाओं के प्रति अपने प्यार को अभिव्यक्त करने हेतु एक तरह से मातृ दिवस और वेलेंटाइन डे की ही तरह बस एक अवसर बन कर रह गया हैं। हालांकि,अन्य क्षेत्रों में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा चयनित राजनीतिक और मानव अधिकार विषयवस्तु के साथ महिलाओं के राजनीतिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए अभी भी इसे बड़े जोर-शोर से मनाया जाता है.

1. नारी अपने फैसलों को लेकर पुरुषों पर निर्भर नहीं : फुलवन्ती देवी

फोटो। फुलवन्ती देवी

फोटो। फुलवन्ती देवी

दरौंदा। प्रखंड के बगौरा की रहने वाली फुलवन्ती देवी (गृहणी) ने बताया कि इस दिन महिलाओ के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए विशेष तरह के आयोजन होते हैं। आज ही पूरे विश्व में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। दुनिया भर में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी और उन्हें प्रेरित करने के लिए इसका आयोजन वैश्विक स्तर पर भी किया जाता है। नारी को जागरुक करने के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजन होता हैं। नारी अब अपने फैसलों को लेकर पुरुषों पर निर्भर नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ पुरुष भी महिलाओं को लेकर संवेदनशील हो रहे हैं। महिला दिवस पर पुरुषों का उत्साह भी देखते ही बनता है।

2.महिलाओ के प्रति श्रद्धापूर्वक सम्मान,प्रशंसा का दिन है अंतराष्ट्रीय महिला दिवस: पूर्णिमा देवी

फोटो पूर्णिमा देवी
फोटो पूर्णिमा देवी

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को पूरे विश्व में खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। महाराजगंज की पूर्णिमा देवी (शिक्षिका) ने बताया कि यह दिन महिलाओ के प्रति श्रद्धापूर्वक सम्मान, प्रशंसा का दिन होता हैं। त्याग का दूसरा नाम कहलाने वाली महिलाएं अब इस दिन का बेसब्री से इंतजार करती हैं। वहीं, हर साल नए थीम के साथ इसका आयोजन होता है। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को पूरे विश्व में खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जीवन में बराबरी का दर्जा की लड़ाई महिला दिवस का मकसद है.

इनपुट:प्रियांशू कुमार सिंह/प्रिंस गुप्ता