आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जाकर लोगों को दे रही कोरोना से बचाव की जानकारी

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पूर्णियाँ। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सभी विद्यालय व आंगनवाड़ी केंद्र में अवकाश घोषित कर दिया गया है. आंगनबाड़ी सेविकाएँ ऐसे समय में लोगों को घर-घर जाकर कोरोना से बचाव की जानकारी दे रही है. इतना ही नहीं वह समुदाय में जाकर अपने नियमित कार्यों को कर रही है. गुरुवार को हर माह की तरह अन्नप्राशन के लिए भी सेविकाएँ घर पर जाकर ही बच्चों को अन्न ग्रहण करवाया व क्षेत्र में कोरोना से बचाव की भी जानकारी दी.

घर पर जाकर किया गया अन्नप्राशन :

कोरोना के कारण आंगनवाड़ी केंद्र बन्द कर दिया गया है पर ऐसे समय में भी सेविकाओं द्वारा लोगों के घर पर जाकर ही बच्चों का अन्नप्राशन करवाया गया. ज्ञात हो कि प्रत्येक माह की 19 तारीख को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 6 माह से अधिक उम्र के बच्चों को खीर खिला कर उनका अन्नप्रासन किया जाता है. पर इस माह आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद होने से समुदाय में बच्चों के घर पर ही अन्नप्राशन करवाया गया. इस दौरान बच्चों के संपूर्ण देखभाल की जानकारी बच्चे के माता को दी गई. इसमें माताओं को सेविका द्वारा बच्चे के पोषण के लिए जरूरी आहार की जानकारी दी गई.

6 माह बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार जरूरी :

अपने पोषक क्षेत्र में निरक्षण के दौरान भट्ठा बाजार पूर्णियाँ में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 47 पर सिडीपीओ राजेश कुमार ने खुद अपने हाथ से बच्चे का अन्नप्राशन किया. इस मौक़े पर उन्होंने कहा, 6 माह बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार शिशु को दिया जाना चाहिए. स्तनपान के अतिरिक्त दिन में 5 से 6 बार शिशु को सुपाच्य खाना देना चाहिए. शिशु को मल्टिंग आहार(अंकुरित साबुत आनाज या दाल को सुखाने के बाद पीसकर) दें.

क्योंकि माल्टिंग से तैयार आहार से शिशुओं को अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है. शिशु यदि अनुपूरक आहार नहीं खाए तब भी थोडा-थोडा करके कई बार खिलाएं. इस दौरान महिला पर्यवेक्षिका निशा कुमारी, सेविका कृष्णा कुमारी के अलावा सहायिका और आशा उपस्थित रहीं.

कोरोना के विषय पर दी गई जानकारी :

अपने पोषक क्षेत्र में सेविकाओं द्वारा समुदाय के लोगों को कोरोना से बचाव की भी जानकारी दी गई. लोगों को बताया गया कि इससे बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए. भीड-भाड़ वाले जगह पर नहीं जाने से बचना चाहिए. कहीं भी बाहर निकलने की स्थिति में चेहरे पर मास्क का प्रयोग करने की जानकारी दी गई. गंदे हाथों से नाक,कान, मुँह आदि को नहीं छूना चाहिए. इसके अलावा उन्हें यह भी बताया गया कि सामान्य सर्दी – खांसी कोरोना के लक्षण नहीं होते हैं पर इसका जांच जरूरी है. लोगों को अफवाहों पर भी ध्यान नहीं देने की बात बताई गई.

इनपुट:सीनियर जर्नलिस्ट चंद्रप्रकाश राज

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