अकबर महान नहीं था,महाराणा प्रताप थे महान:चंदेल

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सीवान। महाराजगंज. शहर के आरबीजीआर कॉलेज के प्रगाण में मंगलवार को महाराणा प्रताप की 424वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम की शुरूआत महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार दिलीप कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर भारतीय शिक्षण मंडल के प्रदेश मंत्री सह शिक्षक नेता विश्वजीत सिंह चंदेल ने आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्र के प्रतीक है और उनका जीवन भारत की पहचान है। राष्ट्र-समाज के लिए त्याग-बलिदान के पर्याय है महाराणा प्रताप। उनका जीवन-दर्शन भारतीय युवाओं में भारत की सुरक्षा का संकल्प पैदा करने का माद्दा रखता है. कम्युनिइस्ट के इतिहासकारों ने छल करते हुये महाराणा प्रताप के इतिहास को कम दिखाने का प्रयास किया,जबकी अकबर कभी महान था ही नहीं,महाराणा प्रताप महान थे।समारोह की अध्यक्षता कर रहे पत्रकार दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि भारत के नवजवानों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम,श्रीकृष्ण से लेकर महाराणा प्रताप और शिवाजी के जीवन चरित्र को शिक्षा के पाठ्यक्रमों में स्थान देने की जरूरत है। जब भी राष्ट्र पर संकट होगा उस समय महाराणा प्रताप का त्याग बलिदान अमरज्योति का कार्य करेगी। छात्र नेता अमरेश सिंह राजपूत ने कहा कि आज मान ¨सह की प्रतीक तथाकथित सेकुलर राजनीति के मान-मर्दन के लिए महाराणा प्रताप जैसा नायक चाहिए। इस मौके पर दिलीप सिंह ,रामबाबू सिंह,सुजीत सिंह, अर्पित सिंह,मिनटु बाबा,भानुप्रताप सिंह,राजन सिंह,विकास सिंह,दिपक बाबा, भुषण सिंह,आयन पांडे,सुमित पांडे इत्यादि मौजूद रहे.

रिपोर्ट:शिवम कुमार

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