10 वर्षों बाद रसूलपुर की वीणा कोर्ट से जीत बनी दारोगा

0

रसूलपुर/एकमा-सन् 2008 में दारोगा की रिजल्ट को लेकर जिन 133 अभ्यर्थीयों को सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला उसमें एक मात्र महिला अभ्यार्थी वीणा भी शामिल है।अब कोर्ट से जीत के बाद वीणा कुशवाहा आखिर 10 वर्ष की अथक प्रयास व लड़ाई के बाद दारोगा बनने में आखिरकार कामयाब हो गई।वीणा की जीत से पुरे रसूलपुर गांव में खुशी की लहर है कि मंजूूूला समेत उनके गांव की दी दो बिटिया दारोगा बन गांव का नाम रौशन कर दिया।स्थानीय चट्टी के शिक्षक शिवनाथ प्रस्ताव की बेटी वीणा कुशवाहा ने दस वर्ष पहले दरोगा की परीक्षा पास कर मिशाल पेश की थी।पर 133 अभ्यर्थियों के रिजल्ट पर रोक लग गई थी।सुप्रीम कोर्ट से जीत मिलने के बाद जिन 133 अभ्यर्थियों ने दारोगा पद पर नियुक्त हुए उनमें रसूलपुर की वीणा एक मात्र महिला अभ्यार्थी थी।ग्रामीण परिवेश में ही नवादा हाई स्कूल से मैट्रिक फिर जेपी विश्वविद्यालय के जेपीएम से एमए और एलएलबी डिग्री हासिल करने वाली वीणा का कहना है कि यहां तक का सफर तय करने में उनकी मां स्व. पार्वती देवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।तीन भाइयों में इकलौती बहन वीणा को दारोगा बनने पर पूरे परिवार सहित गांव के लोगो को भी अपनी बेटी पर गर्व है।तो वीणा कहती हैं कि हौसले व आत्मविश्वास मजबूत हो तो मंजिल मिलना तय है भले ही कुछ समय लगे.INPUR:चंद्र प्रकाश राज/वीरेंद्र यादव (छपरा सारण)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here