स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से अफवाहों पर लगा विराम

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सूरत से घर आए मजदूर में नहीं मिले संदिग्ध कोरोना वायरस के लक्षण.

सीएचसी में दो दिन बाद पहुंच कर मलेरिया व कालाजार की जांच कराने हेतु चिकित्सक ने मजदूर को दी सलाह

एकमा। सारण गुजरात के सूरत शहर से एक सप्ताह पूर्व एकमा थाना क्षेत्र के नवतन गांव स्थित अपने घर पहुंचे एक बीमार मजदूर के संदिग्ध कोरोना वायरस का मरीज होने की सूचना पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद शनिवार को सिविल सर्जन के निर्देश पर एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्वास्थ्य प्रबंधक राजू कुमार के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य जांच टीम गठित की गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की त्वरित जांच की कार्रवाही के चलते शीघ्र ही मजदूर के कोरोना वायरस से संक्रमित संबंधित क्षेत्र में फैले अफवाहों पर विराम लग गया।

शनिवार को नवतन गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम में पहुंचे डॉ. अमित कुमार तिवारी के द्वारा गुजरात के सूरत से मजदूरी करके गांव आए प्रभु राम के 40 वर्षीय पुत्र राजेश राम के स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के बाद डॉ. तिवारी व स्वास्थ्य प्रबंधक राजू कुमार ने बताया कि संदिग्ध बीमार मजदूर में कोरोना वायरस के कोई भी लक्षण नहीं मिले हैं। उसे सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आकर मलेरिया व कालाजार की जांच कराने हेतु सलाह दी गई है। वहीं सूरत से गांव आए मजदूर राजेश राम ने बताया कि वह मजदूर की नौकरी करने सूरत गया था। वहां उसे नौ मार्च से खांसी व बुखार आना शुरु हुआ। इसके बाद कुछ दवाएं खाते हुए 13 मार्च को सूरत से घर के लिए प्रस्थान करके 14 मार्च को ट्रेन से छपरा जं. पर उतर कर अपने गांव सड़क मार्ग से घर नवतन पहुंचा। इस बीच किसी निजी चिकित्सालय में उसने अपना उपचार कराया है। इस मौके पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार सिंह के अलावा ग्रामीण भी मौजूद रहे।

इस तरह से हुआ स्वास्थ्य परीक्षण :

डॉ.अमित कुमार तिवारी व स्वास्थ्य प्रबंधक राजू कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मरीज को श्वांस 40 सेकेंड तक रोके रखकर निरीक्षण किया गया कि उसे खांसी आती है अथवा नहीं। इस दौरान पाया गया कि उसने अपनी श्वांस को एक मिनट 50 सेकेंड तक रोके रखा। लेकिन खांसी नहीं आयी। इससे निष्कर्ष निकाला गया कि वह मौसमी बीमारी की चपेट में आया रहा होगा। लेकिन बीते दिनों प्राईवेट क्लिनिक में उपचार कराने से वह स्वस्थ है गया है। घर वालों ने भी कहा कि हमलोग उसके संपर्क में है लेकिन किसी को भी कोई संदिग्ध बीमारी महसूस नहीं हो रही है। बावजूद इसके स्वास्थ्य टीम के डा. अमित तिवारी द्वारा सीएचसी पहुंच कर मलेरिया व कालाजार बीमारी की जांच करा लेने हेतु निर्देश देते हुए जिला मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी गई। तब जाकर ग्रामीणों में भी मजदूर में संदिग्ध कोरोना वायरस से संक्रमण की अफवाहों पर विराम लग सका.

इनपुट:चंद्रप्रकाश राज/वीरेंद्र यादव/के.के सेंगर