​लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान कल से शुरू

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गांव से शहर तक हुआ भक्तिमय माहौल, गुजने लगे छठी मइया व सूर्य देव के पारंपरिक गीत

रिपोर्ट:चंद्र प्रकाश राज

छपरा:लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय से 24 अक्टूबर से प्रारम्भ होगा। छठ पर्व शरीर की शुद्धि के साथ शुरू होती हैं। इस दौरान व्रतीआम के दातून से दांत साफ़ करती है एवम् अधिकांश व्रती बहते हुए जल में स्नान करती है। यह पूरी तरह से पवित्रता का पर्व हैं आचार्य धर्मेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत 24 अक्टूबर(मंगलवार) को नहाय-खाय से होगी। अनुष्ठान के दूसरे दिन 25 अक्टूबर(बुधवार) को खरना, 26 अक्टूबर(बृहस्पतिवार) को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य एवम् 27 अक्टूबर(शुक्रवार) को उगते सूर्य को अर्ध्य अर्पण करने के बाद पारण कर व्रती व्रत को संपन्न करते है।

 नहाय-खाय के दिन व्रती पवित्रता के साथ चावल, चने का दाल, लौकी की सब्ज़ी व पकौड़ी सेंधा नमक में बनाकर ग्रहण करते है। इसके बाद दूसरे दिन व्रती निर्जला उपवास कर रात को खरना करती है। व्रती पुरे दिन उपवास रहकर शाम में गंगा व अन्य पवित्र तालाब में स्नान कर पुरे विधि विधान से खरना का प्रसाद बनती हैं। दूध, गुड़ और अरवा चावल का खीर, रोटी व फल भगवान सूर्य को समर्पित कर मिट्टी के चूल्हा व आम की लकड़ी पर खरना का प्रसाद बनाने का विधान हैं। खरना के प्रसाद को परिवार व अन्य लोगों के बीच वितरित किया जाता है। खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो जाता हैं। तीसरे दिन निर्जला रहकर व्रती नदी घाटों पर अस्ताचालगामि सूर्य को बांस के कलसुप में फल-मूल रखकर अर्ध्य अर्पण करते है। इसी दिन नदी घाट से वापस आकर घरों में महिलायें छठी मईया को कोसी के रूप में पुजती हैं। जिसे कोसी भरना कहा जाता हैं। ईख का चनना बनाकर कोसी की पूजा होती है और चौथे दिन उगते सूर्य को नदी घाट पर अर्ध्य अर्पण के बाद व्रती पारण कर व्रत को पूरा करते है।
चार दिवसीय अनुष्ठान :-
*नहाय-खाय : 24 अक्टूबर (मंगलवार)

*खरना : 25 अक्टूबर (बुधवार)

*सांयकालीन अर्ध्य : 26 अक्टूबर (बृहस्पतिवार)

*प्रातःकालीन अर्ध्य : 27 अक्टूबर (शुक्रवार)

जिले में चार सौ अधिकारी तैनात :-
छठ पर्व को लेकर जिले में करीब चार सौ से अधिक दण्डाधिकारोयों एवम् पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी है। जिले में महापर्व पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिये जिला प्रशासन ने अधिकारियों की तैनाती की है। महापर्व छठ पूजा के अवसर पर जिले में शांति व्यवस्था कायम  रखने, सांप्रदायिक सौहार्द एवम् धार्मिक सहिष्णुता बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन जिले में करीब चार सौ से अधिक दंडाधिकारियों एवम् पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियक्ति की गयी है। शहर के विभिन्न घाटों से लेकर; रिविलगंज, मांझी, डोरीगंज, दिघवारा, सोनपुर सहित जिले के सभी महत्वपूर्ण घाटों एवम् सार्वजनिक स्थलों पर दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी एवम् काफी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया हैं।  वही डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर सभी अंचल अधिकारियों एवम् थाना प्रभारियों को छठ पूजा के पूर्व से दूसरे दिन दोपहर तक अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहने का आदेश दिया गया है। वही जिला मुख्यालय में 26 अक्टूबर की दोपहर से लेकर 27 की दोपहर तक कण्ट्रोल रूम कार्यरत रहेगा, जिसमे कई अधिकारियों की तैनाती की गयी है। वही जिल के सभी अनुमंडल अधिकारी एवम् डीएसपी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और सम्बंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।

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