Success Story: एक हाथ अधूरा था, लेकिन हौसला पूरा...चौथे प्रयास में हासिल की 167वीं रैंक
एक हाथ अधूरा था, लेकिन सपने पूरे थे। पहली बार UPSC में चयन होने के बाद भी काजल राजू नहीं रुकीं। उन्होंने कई असफलताएं देखीं, एक बार प्रीलिम्स में भी बाहर हो गईं, लेकिन हौसला नहीं टूटा। आखिरकार चौथे प्रयास में AIR 167 हासिल कर उन्होंने बता दिया कि जीत उन्हीं की होती है, जो गिरकर भी दोबारा उठना जानते हैं। AIR 167 हासिल कर उन्होंने बता दिया कि जीत उन्हीं की होती है, जो गिरकर भी दोबारा उठना जानते हैं। नई दिल्ली। कई लोग पहली सफलता मिलते ही उसे अपनी मंजिल मान लेते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए सफलता कोई पड़ाव नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा बन जाती है। केरल की काजल राजू उन्हीं लोगों में शामिल हैं। जन्म से शारीरिक चुनौती का सामना करने वाली काजल ने न सिर्फ UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की, बल्कि चयन होने के बाद भी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। AIR 910 के साथ सरकारी सेवा मिलने के बावजूद उनका लक्ष्य कुछ और बड़ा था। कई असफलताओं, नौकरी की व्यस्तताओं और कठिन परिस्थितियों से लड़ते हुए आखिरकार उन्होंने UPSC में 167वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा ...