भोजपुरी के प्रथम उपन्यासकार रामनाथ पांडेय की जयंती पर साहित्य विमर्श, भोजपुरी को दूसरी राजकीय भाषा बनाने की उठी मांग
छपरा। भोजपुरी के प्रथम उपन्यासकार रामनाथ पांडेय की जयंती के अवसर पर सोमवार को बनियापुर स्थित सीताराम वाटिका में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान, उत्तर बिहार इकाई के नेतृत्व में जयंती सह साहित्य विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं रामनाथ पांडेय के तेलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित करते लोग। इस अवसर पर वक्ताओं ने भोजपुरी भाषा और साहित्य के विकास पर विस्तार से चर्चा की तथा बिहार में भोजपुरी को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा देने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान संगठनात्मक विस्तार के तहत संजय कुमार को गोपालगंज जिला अध्यक्ष तथा राकेश कुमार विद्यार्थी को संस्थान मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमाशंकर साहू ने किया। वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी साहित्य को समृद्ध बनाने में रामनाथ पांडेय का योगदान अविस्मरणीय है। उनका जन्म 8 जून 1924 को छपरा शहर के रतनपुरा मोहल्ले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव नवतन में हुई, जबकि आगे की पढ़ाई एकमा और ज...