दुराचारी गोवर्धन ने हिंदू जाति के सभी कन्याओं के विवाह पर लगा दिया था रोक!!

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■ गोवर्धन से सामना न करने पर सभी बहनों ने अपने भाई को दिया था मृत्यु का श्राप!

सिवान: महाराजगंज गोवर्धन पूजा को लेकर शुक्रवार को महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिला। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व भैयादूज और गोवर्धन पूजा हर्षोलास के साथ मनाया गया.प्रकाश पर्व दीपावली के दो दिनों बाद यम द्वितिया के दिन मनाये जाने वाले इस पर्व में महिलाएं और युवतियां गाय के गोबर से बने गोवर्धन बाबा को मुशहर से कुटाई की। बहनों ने अपने भाईयों की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना भी किया।

गोवर्धन पूजा को लेकर महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ज्ञात हो कि हिन्दू धर्म में गोवर्धन पूजा के बाद से ही शुभ लग्न मुहूर्त की शुरुआत होती है। दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर से बहने गोवर्धन बाबा का निर्माण करती हैं और यम द्वितीया के दिन पहले अपने भाईयों को श्राप देती हैं फिर गीत गाते हुए गोवर्धन की कुटाई करती और अपने भाईओं के लिए ईश्वर से उनकी सलामती की दुआ मांगती है और अगले रोज से शुभ लग्न मुहूर्त की शुरुआत हो जाती है।

■ महिलाएं एवं युवतियां क्यों मनाती है गोवर्धन पूजा!!

1…ऐसी मान्यता है कि बहुत समय पूर्व एक गोवर्धन बाबा हुआ करते थे जो अत्यंत शक्तिशाली और दुराचारी थे जिन्होंने हिन्दू जाति की सभी कन्याओं के विवाह पर रोक लगा दिया था.कालान्तर में युवतियों ने अपने भाईयों से गोवर्धन बाबा को मारने की जिद की लेकिन उनकी शक्ति को देख सभी भाई डर गए जिससे नाराज होकर सभी बहनों ने अपने भाईयों को मृत्यु का श्राप देकर उन्हें मार डाला और खुद गोवर्धन बाबा को बुला कर उन्हें ओखल-मुसल से कूट कर मार डाला था।

2….गोवर्धन की मृत्यु के पश्चात् सभी बहनों ने अपने भाईओं को पुनर्जीवित किया तब भाईयों ने अपनी बहनों का योग्य वरों से विवाह कराया.तब हर साल दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर से बहने गोवर्धन बाबा का निर्माण करती हैं और यम द्वितीया के दिन पहले अपने भाईयों को श्राप देती हैं फिर गीत गाते हुए गोवर्धन की कुटाई करती और अपने भाईओं को जिन्दा कर ईश्वर से उनकी सलामती के लिए दुआ मांगती है।

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